सिकैरियो : डे ऑफ द सोलडाडो
3.5/5
पर्दे पर : 6 जुलाई 2018
डायरेक्टर : स्टेफनो सोलिमा
संगीत : हिल्दर ग्वान्दोतिर
कलाकार : जोश ब्रोलिन, इसाबेला मोनर, कैथरीन कीनर
शैली : एक्शन, क्राइम, ड्रामा
यूजर रेटिंग :
0/5
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Film Review : डायनैमिक ड्रामा बनकर उभरी है सिकैरियो पार्ट-2

'सिकैरियो : डे ऑफ द सोलडाडो' में सिकैरियो, का मतलब है, हत्यारा और सोलडाडो का मतलब है सैनिक. ये फिल्म डेनिस विलेनेव की 2015 में आई फिल्म सिकैरियो की सीक्वल है.

News18Hindi
Updated: July 6, 2018, 5:39 PM IST
Film Review : डायनैमिक ड्रामा बनकर उभरी है सिकैरियो पार्ट-2
सिकैरियो : डे ऑफ द सोलडाडो
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Updated: July 6, 2018, 5:39 PM IST
फिल्म की शुरुआत एक समस्या के साथ होती है. अमेरिका-मैक्सिको बॉर्डर पर ड्रग वॉर बढ़ चुका है. इसके पीछे कारण है कि ड्रग बनाने वाले आतंकियों को भी बॉर्डर पार भेज रहे हैं. इस वॉर को लड़ने के लिये, फेडरल एजेंट मैट ग्रोवर, तेजतर्रार अलेजांद्रो के साथ फिर से टीम बनाता है.

'सिकैरियो : डे ऑफ द सोलडाडो' में सिकैरियो, का मतलब है, हत्यारा और सोलडाडो का मतलब है सैनिक. ये फिल्म डेनिस विलेनेव की 2015 में आई फिल्म सिकैरियो की सीक्वल है. हालांकि यह सीक्वल फिल्म में खासा योगदान रखने वाले चार क्रियेटिव लोगों के बिना बनी है. पिछली फिल्म के ये चार लोग डायरेक्टर डेनिस विलेनेव, स्टार एमिलि ब्लंट, सिनेमैटोग्राफर रोजर डेकिंस और गुज़र चुके कंपोजर जोहान जोहानसन हैं. जिनके चलते यह फिल्म अपने आप में एक डायनैमिक ड्रामा बनकर उभरी थी.

फिल्म धमाकों से भरी हुई है, मशीन गन से चलती गोलियां और तेज कारों की भागादौड़ी के साथ ये नई सिकैरियो हिंसक, हिला कर रख देने वाली और लार्जर देन लाइफ है. इसकी टेक्निकल मजबूती के अलावा 'सिकैरियो : डे ऑफ द सोलडाडो' एक फिल्म के रूप में बढ़िया करती है और इसमें एक टाइमलेस मैसेज भी है.

इसके पहले पार्ट की तरह सीक्वल भी सरकार और ड्रग सप्लायर्स की गतिविधियों को दिखाता है. फिल्म दर्शक को यह महसूस कराने की पूरी कोशिश करती है कि कई लोग इस ड्रग वॉर के चलते मारे जा चुके हैं और आज भी मारे जा रहे हैं. अब इसमें आतंकवाद का पहलू भी जुड़ गया है और निकट भविष्य में इसका कोई अंत भी नज़र नहीं आता है. फिल्म में जोश ब्रोलिन और बेनिसियो डेल टोरो अपनी जबरदस्त परफॉर्मेंस दी है, उसी तरह से जैसे पिछली बार तीन साल पहले उन्होंने फिल्म के पहले भाग में दी थी.

बेनिसियो डेल टोरो हमें उतना वहशी दरिंदा दिखाते हैं जो अलेजांद्रो हो सकता है. वहीं पर फिल्म अलेजांद्रो के भूतकाल को भी टटोलती है और इसाबेल को बचाने के दौरान उनका ज्यादा संवेदनशील पक्ष भी दिखाती है. फिल्म का अंत कुछ ज्यादा ही खुला हुआ है, जो कि आजकल फिल्मों में देखने को बहुत कम ही दिखता है. टेलर शेरिडान की स्क्रिप्ट, पहले वाली फिल्म की स्क्रिप्ट की तरह ही अपना प्रभाव छोड़ती है.

सोलिमा का फिल्म के एक्शन सीन के दौरान किया गया डायरेक्शन भी दिल जीतने वाला है. जिसमें कई चौंकाने वाले लंबे टेक शामिल हैं और बेहतरीन कैमरा टेक्नीक का यूज किया गया है. वहीं स्टेलर की परफॉर्मेंस, जिसे बहुत अच्छे से लिखा गया है भी चौंकाने वाली है और जब इंटेंस एक्शन सीन आते हैं तो सिकैरियो एक कामयाब सीक्वल से कुछ ज्यादा ही हो जाती है.

सिकैरियो : डे ऑफ सोलडैडो एक खुरदुरी, बांधे रखने वाली और बहुत ज्यादा हिंसक क्राइम ड्रामा फिल्म है. इसका स्तर कलाकारों के दमदार परफॉर्मेंस और प्रभावी जकड़ और तीखे डायलॉग्स ने मिलकर बनाया है. ये अपको अपनी सीट से जकड़े रखने मे कामयाब रहती है.

 

 

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
4/5
स्क्रिनप्ल :
4/5
डायरेक्शन :
4/5
संगीत :
3/5
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