यहां छोटे कलाकारों को काम के पैसे लेने के लिए भीख मांगनी पड़ती है

बंगाल की टॉप मॉडल बिदिता बाग को बंगाल में न काम की कमी थी और न ही पैसे या पहचान की. लेकिन वो कुछ बड़ा हासिल करने मुंबई चली आईं. यहां आकर उन्हें समझ आया कि अकेलापन क्या होता है और कैसे लोगों को बाहर से आने पर काम नहीं मिलता.

Sushant Mohan | News18Hindi
Updated: July 12, 2019, 5:44 PM IST
यहां छोटे कलाकारों को काम के पैसे लेने के लिए भीख मांगनी पड़ती है
जिसने ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज़’ देखी है वो बिदिता बाग को जानते हैं.
Sushant Mohan | News18Hindi
Updated: July 12, 2019, 5:44 PM IST
जिस किसी ने भी नवाज़ुद्दीन सिद्दिकी की फिल्म ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज़’ देखी है वो बिदिता बाग को जानते हैं. ऐसा होने के दो कारण भी हैं. बिदिता इस फिल्म में तब शामिल हुई थी जब इस फिल्म से चित्रांगदा सिंह ने वाक आउट कर दिया था और वॉक आउट करने के उनके पास बेहद गंभीर कारण थे. चित्रांगदा ने निर्देशक कुशान नंदी पर आरोप लगाया था कि वो उनसे एक बोल्ड सीन की शूटिंग के दौरान बेहद खराब तरीके से बात कर रहे थे. बिदिता ने ऐसे मोड़ से इस फिल्म में काम किया और भले ही फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा लेकिन बिदिता को बॉलीवुड में एंट्री की राह मिल गई.

बंगाल की टॉप मॉडल बिदिता बाग को बंगाल में न काम की कमी थी और न ही पैसे या पहचान की. लेकिन वो कुछ बड़ा हासिल करने मुंबई चली आईं. यहां आकर उन्हें समझ आया कि अकेलापन क्या होता है और कैसे लोगों को बाहर से आने पर काम नहीं मिलता.



न्यूज़ 18 से हुई खास बातचीत में बिदिता बताती हैं कि मुंबई में आकर काम मिलने में उन्हें खासा परेशानी झेलनी पड़ी. बंगाल से आने के चलते कई लोगों को लगता था कि वो हिंदी बोल नहीं सकती होंगी. झूठे ऑडिशन होते हैं और लोगों का समय खराब किया जाता है. यहां आपके टैलेंट से ज्यादा आपको किस्मत की ज़रूरत पड़ती है – बशर्ते आप किसी फिल्मी घराने से न आते हों. बिदिता का कहना है कि ज़ाहिर है नेपोटिज्म आपकी स्ट्रग्ल को कम तो कर ही देता है.

पैसा नहीं मिलता
मुंबई में आकर काम के लिए संघर्ष करने वाली इस अदाकारा ने बताया कि यहां कई लोग काम करवा लेते हैं लेकिन पैसे नहीं देते. बिदिता बताती हैं कि जब ऐसे लोगों की वो शिकायत करतीं तो उन्हें ही समझा दिया जाता कि मुंबई में काम ऐसे ही होता है और इतनी आसानी से आपको पैसे नहीं मिलते. आपको अपने काम के पैसे के लिए भीख मांगनी पड़ती है.

“पहले तो यहां काम मिलना मुश्किल होता है और फिर काम मिल भी जाए तो उसका पैसा नहीं मिलता. आप किसी भिखारी के जैसा महसूस करते हैं.”


बिदिता ने बताया कि कलाकारों से काम से पहले ही साइन करवा लिया जाता है कि किसी भी लड़ाई या विवाद की सूरत में वो मीडिया के सामने टीवी या फिल्म निर्माता को बदनाम नहीं करेंगे. ऐसे में पेमेंट नहीं मिलने पर कलाकार को चुप रह जाना पड़ता है. क्योंकि अगर उसने मुंह खोला तो फिर उसे कोई काम नहीं देगा.

मिली कामयाबी
बांग्ला की इस टैलेंटड एक्ट्रेस को फेम दिलाया ZEE5 की वेब फिल्म ‘द शोले गर्ल’ ने. एक स्टंट वूमैन रेशमा की ज़िंदगी पर बनी इस बायोपिक में बिदिता ने ही लीड किरदार निभाया था और खतरनाक स्टंट के साथ साथ बेहद भावुक सीन भी किए थे.



आज बिदिता के पास फिल्में हैं और काम है तो वो जानती हैं की उनका गुज़ारा चल जाएगा. लेकिन वो इस बात से परेशान होती हैं की कलाकारों के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जाता है. मैं शायद जल्द ही अपनी शिकायत दर्ज करवाऊंगी और ऐसे लोग सामने आएंगे लेकिन कई कलाकार ऐसे हैं जो अपनी शिकायत दर्ज नहीं करवा सकते क्योंकि उन्हें काम न मिलने का डर है.



बिदिता कहती हैं कि लोग MeToo की बात करते हैं, ये ज़रूरी भी है. लेकिन PayMeToo पर भी बात करनी चाहिए. काम के बदले सम्मान के साथ आपका पैसा भी मिलना चाहिए क्योंकि वो एक अलग तरह का शोषण है. बिदिता ने किसी का नाम नहीं लिया लेकिन उनका कहना है कि वो जल्दी ही ऐसे लोगों का नाम सामने लाएंगी.

बिदिता अब अभिनेता श्रेयस तलपड़े के साथ फिल्म ‘तीन दो पाँच’ में नज़र आने वाली हैं. ये एक पारिवारिक कॉमेडी में जिसके केंद्र में बच्चों को गोद लेने वाला एक परिवार है.
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