फिल्म इंडस्ट्री का सच है कास्टिंग काउच, हम इससे मुंह नहीं मोड़ सकते: करन जौहर

करन जौहर ने माना कि कास्टिंग काउच एक सच है और इससे अब मुंह नहीं मोड़ा जा सकता.

Ankit Francis | News18Hindi
Updated: December 7, 2018, 9:09 PM IST
फिल्म इंडस्ट्री का सच है कास्टिंग काउच, हम इससे मुंह नहीं मोड़ सकते: करन जौहर
करन जौहर ने माना कि कास्टिंग काउच एक सच है और इससे अब मुंह नहीं मोड़ा जा सकता.
Ankit Francis | News18Hindi
Updated: December 7, 2018, 9:09 PM IST
फिल्म निर्माता-निर्देशक करन जौहर ने 'जागरण फोरम' कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में ये माना कि कास्टिंग काउच फिल्म इंडस्ट्री की एक हकीकत है और इससे मुंह नहीं मोड़ा जा सकता. करन ने कहा कि ऐसे लोग हैं जो अपनी पोजीशन का गलत इस्तेमाल करते हैं. करन ने कहा, " मैं मानता हूं कि गानों में 'वूमेन ऑब्जेक्टीफिकेशन' नहीं किया जाना चाहिए,  मैं 'चिकनी चमेली' जैसे गानों के लिए शर्मिंदा हूं."

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करन ने माना कि फिल्मों का समाज पर एकदम सीधा असर पड़ता है और लोग उनसे सीखते हैं, वैसा ही कुछ करने की या उनके जैसा बनने की कोशिश करते हैं इसलिए हमें ज्यादा सावधानी से काम करना चाहिए. महिलाओं को लेकर भद्दी भाषा के प्रयोग करने के मैं बिलकुल खिलाफ हूं, हालांकि गानों में हीरो फ्लर्ट करे तो कोई दिक्कत नहीं है.

हिंदी में बात न करने से जुड़े एक सवाल के जवाब में करन ने कहा कि ये भाषा का मुद्दा नहीं है, हम प्लेटफॉर्म के मुताबिक ही बात करते हैं. करन ने कहा कि मैं स्टार वर्ल्ड के शो को अंग्रेजी में करता हूं और स्टार प्लस के शो को हिंदी में. करन ने कहा कि बतौर डायरेक्टर मैं इंडस्ट्री में 20 साल पूरे कर लिए हैं और मैं अपने काम से काफी खुश हूं. मुझे स्पॉटलाइट में रहना पसंद है. करन ने ये भी माना कि उन्होंने अभी तक एक भी ऐसी फिल्म नहीं बनाई है जिसे सबसे बढ़िया भारतीय सिनेमा में गिना जाए, यही बात मुझे और फ़िल्में बनाने के लिए प्रेरित करती है.

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करन ने कहा कि मैं लोगों की सीधी आलोचना करने से बचता हूं क्योंकि उसका ज्यादातर उलटा असर होता है मैं तारीफ करने में भरोसा रखता हूं. अगर कभी आलोचना करनी भी पड़े तो मेरा तरीका एकदम अलग होता है. लोग इसे मेरा दुनियादारी वाला रवैया भी कह सकते हैं पर मुझे लगता है इससे लोगों से बात करने में आसनी होती है. आपको अपने ईगो को किनारे करना होता है और उसके बाद आप एक सफल आदमी बन जाते हैं.
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