Javed Akhtar Birthday Special -'किसी का ग़म सुनके मेरी पलकों पे एक आंसू जो आ गया है'

मशहूर संगीतकार और लेखक जावेद अख़्तर के लिखे गाने बॉलीवुड के हिट गानों की लिस्ट में शुमार हैं.

News18Hindi
Updated: January 16, 2019, 6:13 PM IST
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Updated: January 16, 2019, 6:13 PM IST
मशहूर संगीतकार और लेखक जावेद अख़्तर के लिखे गाने बॉलीवुड के हिट गानों की लिस्ट में शुमार हैं. कल यानी कि 17 जनवरी को जावेद अपना 74वां जन्मदिन मनाएंगे. यहां हम उनकी लिखी एक नज्म लेकर आए हैं. जिसे आप न सिर्फ पढ़ सकेंगे बल्कि उसे सुन भी सकेंगे.

ये आंसू क्या है...

किसी का ग़म सुनके मेरी पलकों पे एक आंसू जो आ गया है
ये आंसू क्या है

ये आंसू क्या गवाह है, मेरी दर्द-मंदी का, मेरी इंसान दोस्ती का


ये आंसू क्या सबूत है मेरी ज़िंदगी में खुलूस की एक रौशनी का
ये आंसू क्या ये बता रहा है के मेरे सीने में एक हस्ताज़ दिल है
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जो कि किसी की दिल दोज़ दास्तां जो सुनी तो सुन के तड़प उठा है

पराए शोलों में जल रहा है, पिघल रहा है
मगर मैं फिर ख़ुद से पूछता हूं, ये दास्तां तो अभी सुनी है
ये आंसू भी क्या अभी ढला है, ये आंसू क्या मैं ये समझूं पहले कहीं नहीं था
मुझे तो शक़ है के ये कहीं था, ये मेरे दिल और मेरी पलकों के दरमियां एक जो फ़ासला है
जहां ख़्यालो के शहर बसते हैं और ख़्वाबों की तुरबतें हैं
जहां मोहब्बत के उजड़े बागों में तलख़ियों के बबूल हैं और कछ नहीं है

जहां से आगे हैं उलझनों के घनेरे जंगल, ये आंसू शायद बहुत दिनों से वहीं छुपा था
जिन्होंने इसको जन्म दिया था, वो रंज तो मसलेहत के हाथों न जाने कब क़त्ल हो गए थे

तो करता फिर किसपे नाज़ आंसू, के हो गया बे-जवाज़ आंसू
यतीम आंसू
यसीर आंसू

न मोद बर था, न रास्तों ही से बा-ख़बर था
तो चलते चलते ठिठक गया था, झिझक गया था

इधर से आज एक किसी के ग़म की कहानी का कारवां जो गुज़रा
यतीम आंसू ने जैसे जाना, कि इस कहानी ही सरपरस्ती मिले तो मुमकिन है राह पाना

तो इक कहानी की उंगली थामें, उसी के गम को रूमाल करता
उसी के बारे में झूठे सच्चे सवाल करता
ये मेरी पलकों तक आ गया है...



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