इतिहास पर वाद विवाद ज़रुरी है, जितना आप जानते हैं वो उससे ज्यादा हो सकता है: शेफाली फ्रॉस्ट

एक किताब की लेखिका और थिएटर में अपना वक्त बिता चुकी शेफाली हाल ही में नेटवर्क 18 के कार्यक्रम परवाज़ पर मौजूद थीं और कुछ बेहतरीन नगमों के साथ अपने कुछ चुनिंदा ख्याल उन्होंने साझा किए

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Updated: February 12, 2019, 8:56 PM IST
इतिहास पर वाद विवाद ज़रुरी है, जितना आप जानते हैं वो उससे ज्यादा हो सकता है: शेफाली फ्रॉस्ट
कवियित्री शेफाली फ्रॉस्ट (तस्वीर : साभार फेसबुक अकाउंट)
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Updated: February 12, 2019, 8:56 PM IST
अगर आप संगीत में रुचि रखते हैं तो भारत और इंग्लैंड के बीच आते जाते अपना काम कर रहीं शेफाली फ्रॉस्ट का नाम आपने न सुना हो इसके बहुत कम चांसेस हैं. भारत और इंग्लैंड में एक साथ रहने वाली और दोनों ही देशों में काम करने वाली शेफाली भारतीय संगीत में महारत हासिल एक कवियत्री हैं जो सुंदर गाती हैं. वो अपने संगीत के माध्यम से दुनिया के इन दो छोरों के बीच मौजूद सभ्यता और संस्कृति को तारों को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं .

15 वीं सदी में राजस्थान और पंजाब में हुए सूफी संतो के गानों के अलावा वो ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ लिखे गए गीतों को एक नया स्वर दे रही हैं. इसके अलावा वो उर्दू में लिखी प्रेम कविताओं और शायरी को एक नई रुह दे रही हैं.

हाल ही में आपने फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ का गाना ‘इक कुड़ी’ सुना होगा. इस गाने के लेखक – कवि शिव कुमार बटालवी अचानक चर्चा में आ गए थे. शिव कुमार बहुत ही जल्दी इस दुनिया से रुखसत हो गए लेकिन अपने छोटे से जीवन में वो उर्दू और पंजाबी में प्रेम और विरह की कई खूबसूरत ग़ज़लें और नज़्में लिख गए जिन पर अब शेफाली काम कर रही हैं.



एक किताब की लेखिका और थिएटर में अपना वक्त बिता चुकी शेफाली हाल ही में नेटवर्क 18 के कार्यक्रम परवाज़ पर मौजूद थीं और कुछ बेहतरीन नगमों के साथ अपने कुछ चुनिंदा ख्याल उन्होंने साझा किए – देखिए ये वीडियो...



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