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सुनील पाल को समझना होगा सीरियस धंधा हो गई है कॉमेडी

सुनील ने कुछ दिनों पहले यूट्यूब पर स्टैंडअप कॉमेडी करने वाले आर्टिस्ट्स पर कमेंट किया था.

सुनील ने कुछ दिनों पहले यूट्यूब पर स्टैंडअप कॉमेडी करने वाले आर्टिस्ट्स पर कमेंट किया था.

पहली पीढ़ी के कॉमेडियन जो ना टीवी पर ही रह पाए और ना ही सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हुए और यहीं से शुरू हुआ विवाद.

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जिस दिन से कॉमेडियन कपिल शर्मा और सुनील ग्रोवर के अलग होने की खबर आई है उस दिन से कॉमेडी और इसे करने वाले कलाकारों से जुड़ी बातों को मीडिया और सोशल मीडिया में एहमियत मिलने लगी है.

दरअसल इस विवाद ने कॉमेडियन्स और उनकी ज़िंदगी को स्पॉटलाइट में लाकर खड़ा कर दिया और कॉमेडी करने वाले लगभग सभी आर्टिस्टों को लोग पहचानने लगे.

ये कपिल का ही शो था कि समय के साथ पुराने पड़ते जा रहे कॉमेडी कलाकारों जैसे, सुनील पाल, राजू श्रीवास्तव और एहसान कुरैशी को भी एक बार फिर से टीवी पर आने का मौका मिला.

लेकिन इस कमाल के शो को नज़र लग गई और सुनील और कपिल की लड़ाई के बाद पहले शो की टीआरपी गिरी, फिर कपिल शर्मा की सेहत और अब लगातार शूटिंग टलने के बाद सोनी टीवी ने आधिकारिक रूप से शो को ऑफ़ एयर कर दिया है.



इस शो के ऑफ़ एयर होते ही कपिल शर्मा के सीनियर रहे सुनील पाल ने अपने फ़ेसबुक अकाउंट से एक वीडियो जारी किया. इस वीडियो में सुनील ने कपिल और सुनील ग्रोवर की लड़ाई को दुखद बताया और कॉमेडी की सत्ता हाथ से जाने की बात कही.

सुनील पाल ने इस वीडियो में कहा कि अब कॉमेडी उन लोगों के हाथ में चली जाएगी जिन्हें इंटरनेट ने फ़ेमस बनाया है और जो असल में कॉमेडी कर नहीं रहे हैं.

उन्होनें इन ‘इंटरनेट कॉमेडियन्स’ को फ़ॉलो करने वाली युवा ऑडियंस को भी बेवकूफ़ कह दिया और सुनील ग्रोवर और कपिल को खरी खोटी सुनाई.

लेकिन सुनील का ये वीडियो और युवा कॉमेडियन्स के साथ ऑडियंस पर किया उनका कटाक्ष किसी के गले नहीं उतरा.



कॉमेडी एक कला है, जो भारत में बहुत समय और संघर्ष के बाद विकसित हो पाई है और ऐसे में इसे किसी की सत्ता कहना समझ से बाहर है.

सुनील पाल की वीडियो और इंटरनेट के लोगों से उनकी चिढ़ को समझने के लिए कॉमेडी से जुड़ी कुछ चीज़े हमें समझनी होंगी.

इतिहास

भारत में कॉमेडी बतौर प्रोफेशन शुरू से मान्य नहीं रही है. महमूद, जॉनी वॉकर या हाल ही में कादर खान और जानी लीवर जैसे फिल्मी कलाकारों को छोड़ दें तो बस मेले और क्षेत्रीय मंचो पर फिल्मी कलाकारों की मिमिक्री करने वाले कॉमेडी कलाकार ही इस प्रोफ़ेशन की पहचान थे.

लेकिन धीरे धीरे स्टैंड अप कॉमेडी विकसित हुई और स्टार वन के ‘लॉफ़्टर चैलेंज’ ने भगवंत मान, सुनील पाल, राजू श्रीवास्तव जैसे कलाकारों को स्पॉटलाइट में लाकर खड़ा कर दिया और कॉमेडी एक फिलर आइटम से मुख्य आइटम हो गया.

इन दिनों के टॉप मोस्ट स्टैंड अप कॉमिक ज़ाकिर ख़ान अपनी बातचीत में कहते हैं कि इन लोगों ने ही कॉमेडी को शुरुआती मंच या नींव दी जिसे आज की पीढ़ी आगे ले जा रही है.

भारतीय दर्शकों के बीच कॉमेडी का फ्लेवर आ जाने के बाद पापा सीजे और वीर दास जैसे कॉमेडियन ने भारत में स्टैंड अप कॉमिक नाइट्स करना शुरू किया और कॉमेडियन्स की एक शुरुआती खेप आनी शुरू हुई.

जहां अंग्रेज़ी में इस काम को वीर दास, पापा सीजे, अदिति मित्तल, वासु प्रिमलानी, टीवीएफ और ए.आई.बी जैसे दिग्गजों ने किया वहीं हिंदी में कॉमेडी को लोकप्रिय बनाने का काम किया ज़ाकिर खान, महीप सिंह, संदीप शर्मा जैसे कलाकारों ने.



इस खेप में हिंदी कॉमेडी में ज़ाकिर ख़ान की सफ़लता तो अभूतपूर्व रही. वो रातोंरात एक स्टार बन गए और फिर स्टेज से लेकर टीवी तक उनका बोलबाला रहा.

वहीं अंग्रेज़ी में भी कनन गिल, बिस्वा कल्याण रथ जैसे कमाल के कॉमेडियन्स मौजूद थे जो लगातार यूट्यूब, फेसबुक के ज़रिए असीमित लोकप्रियता पाने लगे थे.

कॉमेडी तीन हिस्सो में बंट रही थी, फ़िल्म में जहां हीरो ही अब कॉमेडी भी करने लगे थे (अक्षय कुमार, वरुण धवन, परेश रावल) वहीं टीवी पर कपिल शर्मा, सुदेश लहरी, कृष्णा अभिषेक और सुनील ग्रोवर आ गए.

लेकिन तीसरा भाग था यूट्यूब और लाइव शो करने वाले कलाकारों का जो लगातार लोकप्रियता पा रहे थे और इसका अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि अकेले ज़ाकिर ख़ान के ही लाखों फ़ॉलोवर हैं.



पर इस पूरी बात में पीछे रह गए पहली पीढ़ी के कॉमेडियन जो ना टीवी पर ही रह पाए और ना ही सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हुए और यहीं से शुरू हुआ विवाद.

कॉमेडियन्स की परेशानी

सुनील पाल जैसे कॉमेडियन्स की परेशानी की शुरुआत तब हुई जब फ़िल्मों के चक्कर में उन्होनें टीवी से अपना नाता तोड़ लिया.

जानी लीवर के साथ ‘फिर हेरा फेरी’ और राजू श्रीवास्तव के साथ ‘बाम्बे टू गोवा’ जैसी फिल्में करने के बावजूद सुनील को बॉलीवुड में ख़ास सफलता नहीं मिली. फिर हेरा फेरी में तो उनको एक डॉयलॉग तक नहीं दिया गया था, वो किसी एक्सट्रा की तरह जॉनी लीवर के पीछे टेढ़े मेढ़े मुंह बनाते दिखते थे.

इस बीच में टीवी पर स्टैंड अप कॉमिक शो लगभग बंद हो चुके थे और कॉमेडी सर्कस और उन दिनों कलर्स पर आ रहे कपिल शर्मा का ही बोलबाला था.

जाहिर तौर पर सुनील पाल जैसे पहली पीढ़ी के हिंदी स्टैंड अप कॉमिक आर्टिस्ट दुविधा में फंस गए. उनके पास अब मंच सीमित रह गए थे. हालांकि सुनील पाल के पास मुंबई में प्रॉपर्टी है, जिसके किराए से उनके सामने आजीविका कमाने की समस्या कभी नहीं आई, लेकिन उनके अंदर का आर्टिस्ट परेशान था.

सुनील ने ऑनलाइन आने की भी कोशिश की लेकिन उनके किरदार और स्टाइल पुराने हो गए थे. लोग रतन नूरा से आगे बढ़ गए थे और सुनील के यूट्यूब चैनल पर मात्र 100 – 125 फ़ॉलोवर्स इस बात का इशारा करते हैं कि सुनील को इंटरनेट के दर्शको ने उनको स्वीकार नहीं किया

भगवंत मान, राजू श्रीवास्तव जैसे कलाकारों ने तो राजनीति की तरफ रुख कर लिया लेकिन सुनील रह गए और यही उनकी परेशानी का बड़ा कारण बना.

लाइक्स और शेयर का खेल

इन दिनों कॉमेडी की दुनिया में लाइक्स और शेयर का खेल चल रहा है. मल्टीनेशनल कंपनी एमेज़न प्राइम ने अपने एप पर जिन कॉमेडी कलाकारों को जगह दी है, उनमे से सभी इंटरनेट के लोकप्रिय चेहरे हैं.

केनी सेबेस्टियन, ज़ाकिर ख़ान, कनन गिल और बिस्वा जैसे ऑनलाइन स्टार आपको यहां नज़र आएंगे.

दरअसल आजकल हर कंपनी अपने आप को किसी ऐसे आर्टिस्ट से जोड़ना चाहती है जो ब्रांड के तौर पर पहले से स्थापित हो और युवाओं में जिसकी पकड़ हो.

इसे नापने का सबसे आसान तरीका सोशल मीडिया पर मिलने वाले लाइक, सब्सक्राइब और शेयर को माना जाता है क्योंकि अधिकांश युवा इंटरनेट के उपभोक्ता हैं और अपने मनोरंजन का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा वो मोबाइल या इंटरनेट के माध्यम से हासिल करते हैं.

(गूगल इंटरनेट यूज़र सर्वे रिपोर्ट 2016)

ऐसे में इंटरनेट के लोकप्रिय कॉमेडी कलाकारों को पहली पीढ़ी के हास्य कलाकारों से ज़्यादा लोकप्रियता हासिल हो चुकी है. ज़ाकिर इसे ऐसे समझाते हैं कि इंटरनेट पर मिलने वाले दर्शकों से हम दिल से जुड़े हैं. वो हमें रात को अपने सीने पर रखकर देखते हैं ये हमारा उनका निजी जुड़ाव होता है, इतना पर्सनल आप किसी और माध्यम से नहीं हो सकते.

संदीप बताते हैं कि इंटरनेट के दर्शक आपको माफ़ नहीं करते, टीवी पर आप एक बार आते हैं, इंटरनेट पर आप रहते हैं और यही कारण है कि अगर आप कुछ ग़लत करते हैं तो दर्शक उसे छोड़ते नहीं. एक इंटरनेट कॉमेडियन को लगातार खुद को बदलना पड़ता है, समय के साथ इंप्रोवाइज़ करना पड़ता है, और अगर हम आज सक्सेसफुल हैं तो इसका कारण है कि हम ऐसा कर रहे हैं और बाकी लोग ऐसा नहीं कर रहे हैं.

कॉमेडी का बाज़ार

कॉमेडी इन दिनों एक नापा तोला बिज़नेस है और इसमें काम करने वाले आर्टिस्ट हैं, जिन्हें उतना ही प्रोफेशनल मानिए, जितना आप एक फिल्म कलाकार को मानते हैं.

संदीप कहते हैं, “हम उन दिनों से कॉमेडी कर रहे हैं जब सुनील पाल या उनके जैसे दूसरे टीवी पर सुपरस्टार थे. हमने उनसे प्रेरणा ली है, उनसे सीखा है. लेकिन समय के साथ ऑडियंस को कुछ नया चाहिए होता है और इंटरनेट पर आए कमीडियन्स वो नयापन लेकर आए हैं.”

सुनील पाल के समय कॉमेडी करने वाले वरिष्ठ हास्य कलाकार राजीव निगम लिखते हैं, “ये बेहद ज़रुरी है कि कलाकार खुद को समय के साथ बदलें वर्ना दर्शक आगे बढ़ जाएंगे और हम पीछे रह जाएंगे. इसमें दर्शकों को कोसने की बजाए – आर्टिस्ट को खुद में वो बात लानी चाहिए जिसे देखने वाले पसंद करें.”



भारत में कॉमेडी महमूद, कादर खान, जानी लीवर, परेश रावल से होकर राजू श्रीवास्तव, सुनील पाल और कपिल शर्मा, सुगंधा मिश्रा और भारती के बाद अब ज़ाकिर ख़ान, अदिति मित्तल और कुणाल कामरा तक आ गई है.

इन सभी कलाकारों ने कभी कॉमेडी को सत्ता नहीं माना और ना ही सुनील पाल की तरह अपने दर्शकों को बेवकूफ़ कहा. राजू श्रीवास्तव कहते हैं, “हां अब लोग चाहते हैं कि हम उनके कार्यक्रमों में फ्री में आ जाएं या फिर कम पैसा लें. मैं इसका कारण भी समझता हूं, हमेशा किसी एक का सिक्का नहीं रहता, लेकिन इसके लिए मैं अपनी ऑडियंस या किसी भी दर्शक को बेवकूफ नहीं कहूंगा.”

राजू कहते हैं, “आप अच्छा करेंगे, तो लोगबाग लौट कर आएंगे, आपको ढूढेंगे. लेकिन आप कुछ नया भी नहीं करेंगे और दर्शकों से उम्मीद करेंगे कि वो आपके पास ही रहें तो ऐसा संभव नहीं. आप कमाल होंगे तो लोग बंध जाएंग और वो नहीं बंध रहे हैं तो फिर आपको सोचने की आवश्यक्ता है.”



भारत में इन दिनों कॉमेडी का बाज़ार करोड़ों का है. उपलब्ध आंकड़ो के अनुसार एक नए कॉमेडियन को एक कॉमेडी शो करने के 15 से 20 हज़ार रुपए मिल जाते हैं. वहीं एक नामचीन कॉमेडियन को एक शो के 2 लाख से 3 लाख रुपए भी मिल सकते हैं.

इन दिनों छोटे छोटे शहरों में होने वाले इवेंट्स में और जगह जगह बन आए कॉमेडी थिएटर (जैसे कैनवस लाफ़ क्लब) में आए दिन कॉमेडियन आते रहते हैं और अपने शो करते रहते हैं, इन शो में जाने के लिए आपको 500 रुपए से लेकर 5000 तक का टिकट लेना पड़ सकता है.

यूट्यूब पर मौजूद वीडियोज़ से भी इन कॉमेडी स्टार्स की भारी कमाई होती है, ऐसे में कॉमेडी का बाज़ार एक बड़ा गंभीर मामला बन गया है और क्योंकि सुनील पाल इस मामले में पिछड़ गए हैं, उनका वीडियो, उनके गुस्से को ज़ाहिर करता है.

 

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