जब 'भाबी जी...' धारावाहिक के विभूति को स्टूडियो से निकाला गया था

'भाबी जी घर पर हैं' (Bhabhi Ji Ghar Par Hai) धारावाहिक के जाने माने अभिनेता आसिफ शेख (Aasif Sheikh) को स्टूडियो के बाहर से ही भगा दिया गया था.

News18Hindi
Updated: May 15, 2019, 5:13 PM IST
जब 'भाबी जी...' धारावाहिक के विभूति को स्टूडियो से निकाला गया था
आसिफ शेख को देखकर गार्ड ने गेट से ही भगा दिया था.
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Updated: May 15, 2019, 5:13 PM IST
एक्टर चाहे जितना भी बड़ा हो उसकी कोई न कोई स्ट्रगल स्टोरी होती ही है. आज हम एक ऐसे अभिनेता के बारे में आपको बताने जा रहे हैं, जो 90s के दौर से बॉलीवुड में हैं और फिल्में मिलने के बाद भी उनकी स्ट्रगल खत्म नहीं हुई. उन्होंने हार फिर भी नहीं मानी... फिल्में नहीं मिली तो उन्होंने टीवी का रास्ता चुन लिया. हीरो की ख्वाहिश रखने वाले इस अभिनेता ने अपने कॉमेडी किरदार से भी लोगों का दिल जीत लिया. वो कुछ ही सालों में ऐसे मशहूर हुए कि आज उन्हें 'विभूती जी' के नाम से घर-घर में लोग जानते हैं.

अब तक तो आप समझ ही गए होंगे कि हम बात कर रहे हैं 'भाबी जी घर पर हैं' के अभिनेता आसिफ शेख की. हाल ही में आसिफ ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में अपनी स्ट्रगल स्टोरी के बारे में बताया है. उन्होंने बताया कि कैसे करियर के शुरूआती दौर में उन्हें एक सिक्योरिटी गार्ड ने गेट पर देखकर ही बोल दिया था 'तेरे जैसे बहुत आते हैं यहां पर... चल हट यहां से...' यही नहीं वो मुंबई आकर एकबार वापस भी लौट चुके थे लेकिन फिर हिम्मत जुटा कर पहुंचे. हालांकि सही पहचान उन्हें 20 साल के करियर के बाद ही मिल सकी.





आसिफ ने इंटरव्यू में बताया 'मेरा मुंबई में कोई दोस्त नहीं था और ना ही इंडस्ट्री में कोई कनेक्शन था. मुंबई में मुझे एक छोटा सा कमरा मिला था, जिसमें पांच बेड थे. ये सब एक बुरे सपने की तरह था. मै दिल्ली वापस लौट गया और थिएटर करने लगा.'

दोबारा लौटा तो...

आसिफ ने बताया 'जब में मुंबई वापस लौट तो महबूब स्टूडियो के बाहर मुझे एक गार्ड ने रोक दिया. मैंने उसे बताया कि मैं एक्टर हूं मैंने ये सब किया है तो उसने ये कहकर मुझे भगा दिया कि तेरे जैसे बहुत आते हैं यहां चल हट यहां से...'

आसिफ का कहना है कि सिर्फ गार्ड ही नहीं इंडस्ट्री में ऐसे कई लोग मिले. 'जब मैं प्रोड्यूसर के ऑफिस जाता था तो मुझसे कहा जाता था कि आप मुंबई आ गए हो पिक्चर करने लेकिन आपने एक्टिंग तो कभी सीखी नहीं. मैं कहता था कि मैंने थिएटर किया है इस पर जवाब मिलता था कि थिएटर एक्टिंग थोड़ी होती है. चले हैं हीरो बनने.'

ऐसे कमेंट्स मिलने के बाद भी आसिफ रुके नहीं लगातार कोशिश करते रहे. वहीं 20 साल बाद आज उन्हें अपने हिस्से की तारीफें और शोहरत मिल रही है. विभूती जी के किरदार में दर्शक उन्हें बहुत प्यार दे रहे हैं, जिसके लिए आसिफ खुद को खुशकिस्मत समझते हैं.

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