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KBC 11: आखिरी शो में आएंगी सुधा मुर्ती, इन्हीं के पैसे से उधार लेकर नारायण मूर्ति ने शुरू की थी इंफोसिस

KBC 11: आखिरी शो में आएंगी सुधा मुर्ती, इन्हीं के पैसे से उधार लेकर नारायण मूर्ति ने शुरू की थी इंफोसिस

केबीसी

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कौन बनेगा करोड़पति (KBC 11) के आखिरी एपिसोड में समाज सेविका, लेख‌िका और इंजीनियर सुधा मुर्ती कर्मवीर स्पेशल शो में आएंगी. अपनी इंजीनियरिंग की 599 की क्लास में वो इकलौती छात्रा रह चुकी हैं.

    कौन बनेगा करोड़पति (Kaun Banega Crorepati) के 11वें सीजन (केबीसी) का आखिरी पड़ाव करीब आ गया है. इस सप्ताह यह बेहद चर्चित शो खत्म हो जाएगा. इसके आखिरी एपिसोड में जानी-मानी समाज सेविका, लेखिका और इंजीनियरिंग में उल्लेखनीय योगदान देने वाली सुधा मुर्ती (Sudha Murthy) कर्मवीर बनकर आएंगी.

    सुधा मुर्ती वही शख्स हैं, जिनसे उनके पति नारायण मूर्ती ने 10 हजार रुपये उधार लेकर इंफोसिस की शुरुआत की थी. इसके बाद इंफोसिस के 3.2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की कंपनी बनने और इसके के लिए हुए एक-एक संघर्ष के दौरान सुधा ना केवल अपने पति के साथ खड़ी रहीं बल्कि खुद भी एक मजबूत पिलर बनकर कंपनी को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती रहीं. इतना ही नहीं, इस दौरान उन्होंने एक बार भी अपने इंजीनियर‌िंग करियर से मुंह नहीं मोड़ा. बल्कि उन्होंने लेखन के क्षेत्र में अपना हाथ आजमाया. वहां काफी सफल रहीं. अब वह एक समाज सेविका की तरह देश के उत्थान और बेहतर समाज बनाने में अहम योगदान दे रही हैं.

    सुधा मुर्ति और नारायण मूर्ति


    अब जब वो केबीसी में शामिल होने जा रही हैं तो उनकी जिंदगी का बेहद अहम सूचना सामने आई है. असल में सुधा इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान अपनी इंजीनियरिंग की कुल 599 विद्यार्थ‌ियों की क्लास में वो इकलौती लड़की थीं. उस दौर में ये आसान नहीं था. लेकिन ना केवल सुधा ने सफलतापूर्वक अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. बल्कि वो हमेशा प्रमुखता से आगे बढ़ती रहीं.



    जानकारी के अनुसार नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति का हौसला ही था कि इंफोसिस इस मुकाम पर पहुंच पाई. एक वक्त ऐसा भी था, जब कंपनी की हालत को देखते हुए कंपनी में मूर्ति के अन्य पार्टनर इसे बेच दिए जाने का विचार कर रहे थे. 1989 में केएसए के खत्म होने से इंफोसिस संकट में पड़ गई. एक संस्थापक अशोक अरोड़ा भी कंपनी छोड़ चुके थे. दूसरे फाउंडर्स को आगे कुछ सूझ नहीं रहा था. तभी मूर्ति सामने आ गए. उन्होंने साथियों से कहा, अगर आप सभी कंपनी छोड़ना चाहते हैं तो आप जा सकते हैं. लेकिन, मैं नहीं छोड़ूंगा और कंपनी को बनाऊंगा.' नीलेकणी, गोपालकृष्णन, शिबुलाल, दिनेश और राघवन ने रुकने का फैसला किया और तब से सभी जुड़े हुए हैं.

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    Tags: Amitabh bachchan, KBC, KBC 11, KBC 2019

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