KBC Season 11: महीने में आठ हजार रुपये पगार वाले बालाजी माने ने जीते 12.5 लाख रुपये

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Updated: September 6, 2019, 10:52 PM IST
KBC Season 11: महीने में आठ हजार रुपये पगार वाले बालाजी माने ने जीते 12.5 लाख रुपये
बालाजी बैनर-पोस्टर चिपकाने का काम करते हैं.

कौन बनेगा करोपड़ति (Kaun Banega Crorepati) के 11वें सीजन (KBC Season 11) में महाराष्ट्र के एक पोस्टर चिपकाने वाले बालाजी सौदागर माने ने जबर्दस्त तरीके से खेलते हुए 12.50 लाख जीत लिए.

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  • Last Updated: September 6, 2019, 10:52 PM IST
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मुंबईः कौन बनेगा करोड़पति (Kaun Banega Crorepati) के 11वें सीजन (KBC Season 11) में महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले बालाजी सौदागर माने ने केबीसी से 12.50 लाख रुपये जीत लिए. उन्होंने पहले ही इसका दावा किया था कि वे 25 लाख तो जीत ही लेंगे. बालाजी की जिंदगी के ऊपर बनाए गए वीडियो में उन्होंने कहा था कि मुझे ऐसा लगता है कि मैं 25 लाख रुपये तो जीत ही जाऊंगा. खेल के दौरान अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने उसे कई बार ये कहा भी कि वे चाहते हैं कि बालाजी 25 लाख जीतें. लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए.

महीने में 8000 रुपये के लिए हर रोज जिंदगी की बाजी लगाते हैं बालाजी
उल्लेखनीय है कि बालाजी, बैनर चिपकाने, ब्रांड का लोगो, फिल्मों के पोस्टर वगैरह चिपकाते हैं. वे आमतौर पर दूसरे माले, चौथे माले, 50 फिट, 100 फिट ऊपर जाकर पोस्टर लगाते हैं. इसके लिए उन्‍हें उनकी कंपनी आठ हजार रुपये महीने में देती है. बालाजी के अनुसार जो लोग ऊपर जाकर बैनर लगाते हैं, कंपनी उन्हें एक हजार रुपये अतिरिक्त देती है. इसीलिए उन्होंने ये काम चुना. नीचे रहकर काम करने वालों को सात हजार रुपये ही दिए जाते हैं.






इस सवाल पर अटके बालाजी
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बालाजी ने खेल के शुरुआत में बहुत शानदार तरीके से इसे आगे बढ़ाया. वे अमिताभ बच्चन के सामने गुरुवार और शुक्रवार दो एपिसोड में जमे रहे.

इससे पहले वे 12 लाख 50 हजार रुपये के सवाल बर्मा के अंतिम राजा का नाम क्या था जिन्होंने अपने अंतिम दिन महाराष्ट्र में बिताए थे? इसके विकल्पों में मिंदों, थ‌िबा, नराथू व एक अन्य नाम था. बालाजी इस सवाल को अपनी लाइफ लाइन फ्ल‌िप द क्वेश्चन का इस्तेमाल किया. इस सवाल सही जवाब था थ‌िबा.

इससे पहले वे नेपाल का झंडा पहचानने में असफल रहे थे. उन्होंने इस पर एक्सपर्ट की राय ली. इसमें न्यूज चैनल आजतक की डिप्टी एडिटर नेहा बाथम ने उन्हें बताया कि यह झंडा नेपाल का है. इससे पहले वे सप्ताह में कितने वार होते हैं. यह नहीं बता पाए थे और ऑडिएंस पोल का इस्तेमाल कर लिया था.

25 लाख के इस सवाल का जवाब नहीं दे सके बालाजी
बालाजी ने साल 1938 में भारत में स्‍थापित हुई उस डेयरी के नाम जिन दो डेनिश शख्‍सियतों का नाम नहीं पहचान पाए. इस सवाल का जवाब लार्सन एंड टुर्बो था.



अमिताभ ने इस पोस्टर को दिखाया तो बालाजी ने बताया कि वे जब ऑफ‌िस में खाली समय पाते हैं तो ऐसे पोस्टर बना लेते हैं.

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First published: September 6, 2019, 9:45 PM IST
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