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सुरेखा सीकरी ने थिएटर, टीवी, बॉलीवुड को किया रोशन, 3 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से हुईं थीं सम्मानित

सुरेखा सीकरी ने थिएटर, टीवी, बॉलीवुड को किया रोशन, 3 बार राष्ट्रीय पुरस्कार से हुईं थीं सम्मानित

बालिका वधू की कल्याणी नहीं रहीं !.(फोटो साभार: #surekhasikri/Instagram)

बालिका वधू की कल्याणी नहीं रहीं !.(फोटो साभार: #surekhasikri/Instagram)

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (National School Of Drama) में अपनी एक्टिंग की धार को तेज करने वाली सुरेखा सीकरी (Surekha Sikri) थियेटर से अपने करियर की शुरुआत की थी. कई फिल्मों और टीवी सीरियल में शानदार भूमिका निभाई थी. आज मुंबई में उनके निधन से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री शोकाकुल है.

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    मुंबई. थियेटर, सिनेमा और छोटे पर्दे हर जगह अपनी शानदार अदाकारी दिखाने वाली दिग्गज कलाकार सुरेखा सीकरी (Surekha Sikri)  नहीं रहीं. उनके निधन की खबर आते ही एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री शोकाकुल हो गई. सन 1978 में पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म ‘किस्सा कुर्सी का’  (Kissa Kursi Ka) से डेब्यू किया था. इसके बाद कई हिंदी फिल्मों और मलयालम फिल्मों में सपोर्टिंग कलाकार की भूमिका निभाई. इसके अलावा कई डेली सोप में अपने अभिनय का ऐसा डंका बजवाया कि सुरेखा सीकरी लोगों के जेहन में बस गईं थीं. टीवी शो ‘बालिका वधू’ की दबंग दादी  के रुप में बेहद पसंद की गई थीं. सुरेखा को तीन बार बेस्ट सपोर्टिंग एक्टिंग के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

    सुरेखा सीकरी ने चाहे कितने भी फिल्मों में काम किया हो लेकिन उन्हें घर-घर पहचान मिली लंबे समय से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले शो ‘बालिका वधू’ के किरदार कल्याणी  से. सीरियल ‘बालिका वधू’  की दादी सा यानी कल्याणी देवी ने अपने रुतबे से ऐसा खौफ और प्यार का मिलाजुला रुप दिखाया कि हर कोई सुरेखा का मुरीद हो गया.

    (फोटो साभार : #surekhasikri/Instagram)


    शो में एक तरफ जग्या के लिए उनका प्यार तो वहीं आनंदी के लिए सख्ती ने उन्हें विलेन बना दिया. हालांकि बाद में आनंदी से अजीज उन्हें कोई नहीं लगता. कल्याणी देवी की एक आवाज सुनते ही पूरा गांव उन के पैरों में आकर गिर जाता था.

    पूरे गांव में कोई भी इंसान कल्याणी देवी की बात को नहीं टाल सकता था. उम्रदराज होने के बाद भी कल्याणी देवी अपने पूरे इलाके पर राज करती थीं. सुरेखा की बेमिसाल एक्टिंग ही थी कि कई घरों में बच्चे और महिलाएं उनके दबंग से खौफ खाते थे. दादी सा की एक्टिंग का कमाल ही था कि सिद्धार्थ सेनगुप्ता और प्रदीप यादव के निर्देशन में बना यह धारावाहिक लंबे समय तक चलने वाला पहला शो बन गया.

    19 अप्रैल 1945 में जन्मीं सुरेखा सीकरी ने नाटक, सीरियल और फिल्मों में उन्होंने एक लंबा सफर तय किया था. 'किस्सा कुर्सी का'  के अलावा 'तमस', 'सलीम लंगड़े पर मत रो', 'लिटिल बुद्धा', 'सरफरोश' , 'काली सलवार', 'रेनकोट', 'तुमसा नहीं देखा', 'हमको दीवाना कर गए', 'देव डी', 'बधाई हो' जैसी फिल्मों का हिस्सा रही हैं.

    Tags: Balika vadhu, Bollywood actress, Tv actresses

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