गुलजार ने टीकाकरण की अपील करते हुए सुनाई कविता, इंसानी नस्ल को बचाने की अपील

गुलजार ने कोरोनावायरस पर अपनी रचना, 'धूप आने दो', गीत में पृथ्वी का वर्णन किया है.

गुलजार (Gulzar) ने कोरोनावायरस पर अपनी रचना, 'धूप आने दो', गीत में पृथ्वी का वर्णन किया है. हमने तय किया है कि हम इस (महामारी की) अवधि में और अधिक गाने करेंगे. पर्यावरण और पृथ्वी को बचाने के बारे में और गीत और कविताएं लिखी जानी चाहिए. यह एक वैश्विक कार्य है.'

  • Share this:
    मुंबई. कालजयी फिल्में बनाने और गीत लिखने वाले गुलजार (Gulzar) ने शुक्रवार को एक कविता जारी कर लोगों से टीका लगवाने की अपील की. उनके एनजीओ आरुषि के इंस्टाग्राम अकाउंट पर जारी किए गए वीडियो में वे लोगों से अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए वैक्सीनेशन (Vaccination) कराने का अनुरोध कर रहे हैं.

    गुलजार ने लोगों से वैक्सीनेशन कराने अनुरोध करते हुए यह कविता सुनाई है :-
    'कोविड से बचने का तरीका है, आसान है, लगवा लें, टीका है.
    आप भी महफूज होंगे, देश भी.
    साथ रहने का सलीका है.
    जितनी जल्दी हो ये टीका लगवा लिजे
    डॉक्टर्स ने, संस्थानों ने अपनी जान पर खेल कर ये वैक्सीनेशन, ये टीका इजाद किया है ताकि इंसानी नस्ल को बचाया जा सके.'

    गुलजार ने कहा कि, टीका लगवाना आप सभी का कर्तव्य है. यह शॉट लगवाने वाले के परिवार, उनके पड़ोसियों, उनके समाज और देश की रक्षा कर सके. उन्होंने कहा, 'सोच के देखिए एक टीका लगवा के आप कितना बड़ा काम अंजाम दे रहे हैं. आप जितनी जल्दी हो सके, ये टीका लगवाइए. और खुद ही नहीं बल्कि दूसरों को भी समझाएं, उन्हें विश्वास दिलाएं.'



    पिछले साल, गुलजार ने विशाल भारद्वाज (Vishal Bhardwaj) और रेखा भारद्वाज (Rekha Bhardwaj) के साथ कुछ गानों के लिए सहयोग किया, ताकि आशावाद, आशा और प्रकृति की देखभाल का संदेश फैलाया जा सके.

    'मीठी मीठी है, बहुत खूबसूरत है' - इस तरह गुलजार ने कोरोनावायरस पर अपनी रचना, 'धूप आने दो',  गीत में पृथ्वी का वर्णन किया है. गीत और सहयोग कैसे आया इस बारे में गुलज़ार ने हमारे साथ इसे शेयर किया, 'मैंने इसे विशाल को सुनाया, और उन्होंने इसे लिया. विचारधारा उसकी अपनी है. हमने तय किया है कि हम इस (महामारी की) अवधि में और अधिक गाने करेंगे. पर्यावरण और पृथ्वी को बचाने के बारे में और गीत और कविताएं लिखी जानी चाहिए. यह एक वैश्विक कार्य है.'