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छेड़छाड़ का आरोप लगाकर एक्टर को फंसा रही थी एक्ट्रेस, पुलिस ने किया गिरफ्तार

भाषा
Updated: December 1, 2019, 9:07 PM IST
छेड़छाड़ का आरोप लगाकर एक्टर को फंसा रही थी एक्ट्रेस, पुलिस ने किया गिरफ्तार
सारा श्रवण गिरफ्तार हो गई हैं.

फिल्‍म रिलीज होते ही एक्ट्रेस सारा श्रवण (Sara Shrawan) ने एक्टर के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज करा दिया था. लेकिन बाद में पोल खुली तो मामला वसूली का सामने आया.

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पुणे. मराठी अदाकारा सारा श्रवण (Sara Shrawan) को साथी अभिनेता द्वारा दर्ज 15 लाख रुपये के वसूली मामले में पुणे पुलिस (Police) की अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है. सारा श्रवण को सारा सोनवणे के नाम से भी जाना जाता है. उनकी गिरफ्तारी के साथ मामले में अभी तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

पुलिस ने रविवार को बताया कि श्रवण ने उदीयमान अभिनेता सुभाष यादव के साथ काम किया था और फिल्म रिलीज होने के बाद उनके खिलाफ छेड़खानी का एक मामला दर्ज कराया था. उन्होंने कहा, ‘‘एक आरोपी राम जगदाले ने सौदे में बिचौलिए का काम किया. यादव ने अपनी हरकतों के लिए माफी मांगने वाला एक वीडियो तैयार किया. आरोपी ने वीडियो सार्वजनिक नहीं करने के बदले में यादव से 15 लाख रुपये मांगे थे.’’

हालांकि, एक अन्य महिला अदाकारा ने वीडियो को लीक कर दिया जिसके बाद यादव ने पुलिस से संपर्क किया और वसूली का एक मामला दर्ज कराया. उन्होंने कहा, ‘‘सारा श्रवण उर्फ सारा सोनवणे की अग्रिम जमानत याचिका पुणे अदालत में खारिज होने के बाद शनिवार को मुंबई में लोअर परेल से उन्हें गिरफ्तार किया गया.’’

न्यायालय ने अभिनेता दिलीप को दी ‘मेमोरी कार्ड’ की सामग्री की समीक्षा की अनुमति

उच्चतम न्यायालय ने मलयालम अभिनेता दिलीप की याचिका पर शुक्रवार को फैसला सुनाया कि ‘मेमोरी कार्ड’ या ‘पेन ड्राइव’ की सामग्रियां इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड हैं और उन्हें भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत ‘‘दस्तावेज’’ समझा जाना चाहिए.

शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर किसी आपराधिक मामले में अभियोग मेमोरी कार्ड/पेन ड्राइव की सामग्रियों पर निर्भर है, तो आरोपी को इसकी प्रति दी जानी चाहिए ताकि वह सुनवाई के दौरान अपना प्रभावी बचाव कर सके. दिलीप ने केरल उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए एक अभिनेत्री के अपहरण एवं यौन उत्पीड़न संबंधी 2017 के मामले में एक सेल फोन के मेमोरी कार्ड की प्रति मांगी थी.

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि जिन मुकदमों में शिकायतकर्ता/गवाह की निजता या उसकी पहचान जैसे मामले शामिल हैं, ऐसे में अदालत सुनवाई के दौरान प्रभावी बचाव के लिए केवल आरोपी, उसके वकील या विशेषज्ञ को ही सामग्री मुहैया कराए.
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इसने कहा कि अदालत दोनों पक्षों के हितों को संतुलित करने के लिए उचित निर्देश जारी कर सकती है. फरवरी 2017 में एक अभिनेत्री का आठ आरोपियों ने कथित अपहरण एवं यौन उत्पीड़न किया था. इस पूरे कृत्य को फिल्माया गया था ताकि अभिनेत्री को ब्लैकमेल किया जा सके. इसके बाद दिलीप को गिरफ्तार कर लिया गया था और मामले में आरोपी बनाया गया था.

केरल उच्च न्यायालय ने दिलीप की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि मेमोरी कार्ड या पेन कार्ड को भारतीय साक्ष्य कानून के तहत ‘‘दस्तावेज’’ नहीं समझा जा सकता और आरोपी को नहीं सौंपा जा सकता.

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First published: December 1, 2019, 8:04 PM IST
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