इस पाकिस्तानी दुल्‍हन के Video को देखते ही क्‍यों फैन हो रहें हैं कई भारतीय, आपने देखा?

इस पाकिस्तानी दुल्‍हन के Video को देखते ही क्‍यों फैन हो रहें हैं कई भारतीय, आपने देखा?
ये गाना पाकिस्‍तान की टॉप की एक्‍ट्रेस माह‍िरा खान पर फ‍िल्‍माया गया है.

सोशल मीडिया (Social Media) पर जमकर वायरल हो रहा ये गाना पाकिस्‍तान (Pakistan) की सुपरस्‍टार एक्‍ट्रेस माहिरा खान (Mahira Khan) पर फिल्‍माया गया है. इस गाने में वह एक दुल्‍हन बनी नजर आ रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 13, 2020, 10:57 AM IST
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नई दिल्‍ली. सोशल मीडिया (Social Media) पर किसी भी चीज को वायरल होने में आजकल ज्‍यादा समय नहीं लगता. शर्त बस इतनी सी है कि आंखों के सामने आई चीज दिल को छूनी चाहिए. चाहे प्‍लेटफॉर्म पर गाना गाती रानू मंडल (Ranu Mandol) हों या फिर अपनी छत पर कैमरे के सामने माइकल जैक्‍सन की अंदाज में नाचने वाला लड़का बाबा जेक्‍सन (Baba Jackson), लोगों के दिल को छूने वाला हर वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर सेंसेशन बन जाता है. लेकिन इन दिनों भारतीयों के दिल को एक पाकिस्‍तानी गाना (Pakistani Song) खूब भा रहा है. इतना ही नहीं, फेसबुक से लेकर ट्विटर तक, ये पाकिस्‍तानी गाना जमकर शेयर भी किया जा रहा है.

दरअसल ये पाकिस्‍तानी गाना इस अंतरराष्‍ट्रीय विमेन्‍स डे पर रिलीज किया गया है. आपको अल्‍लामा इकबाल की 1902 की चर्चित कविता 'लब पे आती है दुआ' (Lab Pe Aati Hai Dua) तो याद ही होगी. ये गाना लेखक शोएब मंसूर ने इसी कविता को अपने अंदाज में लिखकर सजाया है. गाने की खूबसूरती है कि इसमें एक दुल्‍हन के लिए मांगी जा रही पुरानी और नई दुआओं को बेहद खूबसूरती से दिखाया गया है और महज 7 मिनट 44 सैंकड के इस गाने में पितृसत्‍तात्‍मक समाज के ढांचे पर जबरदस्‍त प्रहार किया है.

'दुआ-ए-रीम' नाम के इस गाने को गाया है दामिया फाहरुख, शहनाज और महक अली ने और इसे पाकिस्‍तान की सुपरस्‍टार माहिरा खान पर फिल्‍माया गया है. माहिरा खान को आप शाहरुख खान के साथ उनकी फिल्‍म 'रईस' में भी देख चुके हैं. 'दुआ-ए-रीम' का मतलब होता है दुल्‍हन की दुआ. इस गाने में दुल्‍हन की दुआ के दो हिस्‍से हैं. पहला जो वहां दुआ गाने आईं महिलाएं गाती हैं और उसके बाद है दूसरी दुआ जो खुद दुल्‍हन अपने लिए बगावती सुर लेने के बाद गाती है.



 



ये गाना पाकिस्‍तान की टॉप की एक्‍ट्रेस माह‍िरा खान पर फ‍िल्‍माया गया है.


गाने के पहले हिस्‍से में महिलाएं गाते हुए कहती हैं, ''लब पे आवे है दुआ बन के तमन्‍ना मेरी, जिन्‍दगी अम्‍मा की सूरत हो खुदाया मेरी..' इसके बाद वह जो गाती हैं, उसका मतलब है कि 'मेरा असली धर्म हो अपने शौहर के प्रति समर्पित होना, उनकी सूरत या उनके व्‍यवहार के बारे में कभी कोई शिकायत न करूं. इतना ही नहीं, इस गाने में महिलाएं गाती नजर आ रही हैं कि अगर पति धमकी दे तो ये तसल्‍ली कर लूं कि थप्‍पड़ नहीं पड़ा और अगर थप्‍पड़ पड़ जाए तो इस बात का शुक्र मनायूं कि जूता तो नहीं मारा..' गाने के इन बोलों को सुनकर आप भी हैरान हो गए होंगे और ऐसी ही परेशान हो जाती है इस गाने की हीरोइन.



यहां से शुरू होता है इस गाने का दूसरा हिस्‍सा, जहां ये दुल्‍हन अपनी दुआ खुद सुनाती है. दुल्‍हन बनीं माहिरा गाती हैं, 'लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी, घर तो उनका हो हुकूमत हो खुदाया मेरी, मैं अगर बत्ती बुझायूं तो अंधेरा हो जाए, मैं ही बत्ती को जलाउं के उजाला हो जाए..' वह आगे कहती है, 'मेरा ईमान हो शौहर से मोहब्‍बत करना, न इताअत (जीहुजूरी) न गुलामी न इबादत (पूजा) करना. न करूं मायके में आकर मैं शिकायत उनकी, करनी आती हो मुझे खुद ही मरम्‍मत उनकी. आदमी तो उन्‍हें तूने है बनाया या रब, मुझको सिखला उन्‍हें इंसान बनाना या रब...'

इसके बाद वह गाती है, 'घर में अगर नके भटकने से अंधेरा हो जाए, भाड़ में झोंकू उनको और उजाला हो जाए. वो हो शाहीन तो मौला मैं शाहीना हो जाउं और कमीने हो तो मैं बढ़के कमीना हो जाउं. लेकिन अल्‍लाह मेरे ऐसी न नौबत आए, वो रफाकत (मेल-जोल, साथ) हो के दोनों को राहत आए. वो मोहब्‍बत जिसे अंदेशा-ए-ज़वाल (खत्‍म होने की आशंका) न हो, किसी झिड़की किसी थप्‍पड़ का भी सवाल न हो. उनको रोटी है पसंद मुझको भावे चावल, ऐसी उल्‍फत हो कि हम रोटी से खावे चावल...'

आप भी देखिए ये गाना...



लगभग 8 मिनट के इस गाने में शब्‍दों के साथ ही वहां बैठी हर औरत के भावों पर ध्‍यान देना मत भूलिएगा.
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