नाइट शिफ्ट करने से महिलाओं को दिल की बीमारी का खतरा

नाइट शिफ्ट और उसमें बार-बार फेरबदल से महिलाओं में हृदय रोग का खतरा संभवत: थोड़ा बढ़ सकता है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।

नाइट शिफ्ट और उसमें बार-बार फेरबदल से महिलाओं में हृदय रोग का खतरा संभवत: थोड़ा बढ़ सकता है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।

नाइट शिफ्ट और उसमें बार-बार फेरबदल से महिलाओं में हृदय रोग का खतरा संभवत: थोड़ा बढ़ सकता है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।

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वॉशिंगटन। नाइट शिफ्ट और उसमें बार-बार फेरबदल से महिलाओं में हृदय रोग का खतरा संभवत: थोड़ा बढ़ सकता है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है। अध्ययन में पाया गया है कि जो महिलाएं दस साल से अधिक समय से नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं, उनमें 15 से 18 प्रतिशत अधिक कोरोनरी हार्ट डिसीस (सीएचडी) का जोखिम होता है।

सीएचडी की कई वजह होती हैं जैसे धूम्रपान, असंतुलित आहार, शारीरिक श्रम की कमी और उच्च बॉडी मास इंडेक्स। अमेरिका के ब्रिंघम एंड विमेन्स हॉस्पिटल से इस अध्ययन की मुख्य लेखिका सेलीन वेटर ने एक बयान में कहा कि शोध के दौरान हमने देखा कि इन जोखिम कारकों पर नियंत्रण के बावजूद भी नाइट शिफ्ट में बदलाव से महिलाओं में सीएचडी का जोखिम रहता है।

शोधार्थियों ने नाइट शिफ्ट और सीएचडी के संबंधों को जानने के लिए नर्सेस हेल्थ वन और नर्सेस हेल्थ टू के आंकड़ों का अध्ययन किया था, जिसमें 24 साल की अवधि में 2,40,000 महिला नर्सों का अध्ययन किया गया था।

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