संक्रांति पर स्नान के साथ माघ मेला शुरू

संक्रांति पर स्नान के साथ माघ मेला शुरू
आज पूरे देश में मकर संक्रांति मनाया जा रहा है। संक्रांति के साथ ही संगम पर माघ मेला शुरू हो गया है।

आज पूरे देश में मकर संक्रांति मनाया जा रहा है। संक्रांति के साथ ही संगम पर माघ मेला शुरू हो गया है।

  • Share this:
इलाहाबाद। आज पूरे देश में मकर संक्रांति मनाया जा रहा है। संक्रांति के साथ ही संगम पर माघ मेला शुरू हो गया है। कड़ी सुरक्षा के बीच आज करीब 75 लाख श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की उम्मीद है। प्रसिद्ध माघ मेला एक महीने से भी ज्यादा समय तक संगम तट पर लगता है। मकर संक्रांति आज शाम से शुरू हो रहा है, लेकिन श्रद्घालुओं का हुजूम संगम और गंगा के अलग-अलग घाटों पर सुबह से ही जुटने लगा है।

माघ मेले की शुरुआत के साथ ही लाखों श्रद्घालु तीर्थराज प्रयाग में संगम की रेती पर जुटते हैं और पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक एक महीने का कल्पवास करते हैं। कुछ श्रद्घालु मकर संक्रांति के दिन से ही कल्पवास शुरू कर देते हैं, लेकिन इस साल ऐसा ज्योतिषीय संयोग है, जिसकी वजह से मकर संक्रांति व पौष पूर्णिमा बिना अंतराल के पड़ रही है। ऐसे में लगभग सभी कल्पवासी मकर संक्रांति को ही संगम पर पहुंच रहे हैं।

लाखों कल्पवासी संगम की रेती पर बने तंबुओं वाले अस्थाई कस्बे में अब तक पहुंच चुके हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति से पौष पूर्णिमा के बीच स्नान के लिए लगातार तीन दिन का दुर्लभ संयोग मिलेगा। घने कोहरे व कड़ाके की सर्दी पड़ने के बावजूद मेला क्षेत्र में सोमवार देर रात तक कल्पवासियों व स्नान करनेवाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।



जिला प्रशासन ने इस पवित्र मेले के लिए सारी तैयारियां पूरी किए जाने का दावा किया है। जिलाधिकारी राजशेखर के अनुसार मेले में आ रहे तीर्थयात्रियों व कल्पवासियों के स्वागत के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सुविधाओं से लैस है। उन्होंने बताया कि स्नान के लिए गंगा के तटों पर बारह स्नान घाटों का निर्माण करा दिया गया है। संगम स्नान घाट को 2,000 फीट के क्षेत्र में बनाया गया है। श्रद्घालुओं की भीड़ को देखते हुए मेले के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर इसका क्षेत्र बढ़ा कर 3,200 फीट कर दिया जाएगा। सभी स्नान घाटों पर महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए 20 चेजिंग रूम बनवाए गए हैं।
स्नानार्थियों के लिए 1,200 नावों की व्यवस्था की गई है। नाव का किराया मैदानी घाट से 32 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं अथवा अपने परिवार के लिए नाव ले जाता है तो उसे उसके लिए नाव की पूरी क्षमता के बराबर किराये का 75 प्रतिशत भुगतान करना होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि आने जाने के मार्गो को दुरुस्त कर दिया गया है। स्नानार्थियों के रुकने के लिए रैन बसेरे बनाए गए हैं। किसी अप्रिय स्थिति से निबटने के लिए मेला क्षेत्र में आरएएफ, पीएसी, कोबरा कमांडो, बम डिस्पोजल स्क्वोएड, एटीएस व जल पुलिस आदि के साथ भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है।
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading