होम /न्यूज /मनोरंजन /Film_Review: 'अज्जी' को देखने के लिए आपको बहुत हिम्मत चाहिए होगी
अज्जी
अज्जी
4/5
पर्दे पर:24 नवंबर 2017
डायरेक्टर : देवाशीष मखीजा
संगीत : मंगेश धाकड़े
कलाकार : सुष्मिता देशपांडे, शरवानी सूर्यवंशी, अभिषेक बैनर्जी
शैली : ड्रामा
यूजर रेटिंग :
0/5
Rate this movie

Film_Review: 'अज्जी' को देखने के लिए आपको बहुत हिम्मत चाहिए होगी

जानिए कैसी है फिल्म अज्जी

जानिए कैसी है फिल्म अज्जी

जानिए कैसी है आज रिलीज हुई फिल्म 'अज्जी'

    निर्देशक देबाशीष मखीजा ने अपनी 104 मिनट की फिल्म 'अज्जी' में कुछ ऐसा कह डाला है कि इसे देखते हुए आप बहुत असहज महसूस करेंगे. हमारे ही समाज की एक सच्चाई को इस फिल्म में इतने सच्चे और सटीक तरीके से दिखाया गया है कि यह आपको अपने ही मुंह पर एक चांटे जैसा लगता है.

    यह एक शानदार फिल्म है, लेकिन बड़े स्टार्स वाली फिल्मों के इस दौर में यह कितनी हिट हो पाएगी यह कहना बहुत मुश्किल है.

    कहानी:

    अज्जी की कहानी मुंबई के सैकड़ों स्लम्ज में बसे लाखों लोगों में से किसी की भी कहानी हो सकती है. एक छोटी सी बच्ची है मंदा जिसके साथ एक लोकल नेता का बेटा बलात्कार करता है.

    लेकिन जब यह बात इन्वेस्टीगेशन कर रहे पुलिस को पता चलता है, वो ये केस दबाने की कोशिश करता है. मंदा के माता-पिता उस बच्ची को यह सब भूल कर आगे बढ़ने की सलाह देते हैं. लेकिन उसकी अज्जी या दादी यह भूल नहीं पाती. वो मंदा का बदला लेने की तैयारी में जुट जाती है.

    लेकिन यह बदला फिल्म 'भूमि' या 'मॉम' जैसा बदला नहीं है. यहां दिखाई गई सच्चाई आपको डराती है और रातों की नींद उड़ा सकती है.

    एक्टिंग:

    फिल्म में अज्जी के किरदार में सुषमा देशपांडे हैं. उनकी एक्टिंग हकीकत के बहुत ज्यादा करीब लगती है. इस फिल्म में कुल 5 ही किरदार हैं जिनके आस-पास कहानी कहानी घूमती है. नेता के रेपिस्ट बेटे के रोल में अभिषेक बैनर्जी की एक्टिंग इतनी असली लगती है कि आपको उनसे घिन होने लगेगी. सुधीर पांडे एक कसाई के रोल में हैं जो अज्जी को मीट काटना सिखाते हैं.

    निर्देशन:

    फिल्म का निर्देशन इसका मजबूत पक्ष है और मखीजा ने इसे बहुत इमानदारी से निभाया है.

    सिनेमेटोग्राफी:

    फिल्म की सिनेमेटोग्राफी इसे इतनी हिंसक और मर्मस्पर्शी बनाती है. सिनेमेटोग्राफर जिश्नु भट्टाचार्जी के लिए तालियां बजनी चाहिए जो कैमरे से आपके भीतर इमोशन भर सकते हैं.

    जब आप फिल्म देखकर निकलते हैं, आपके पेट में उथल-पुथल मचना बिलकुल लाजमी है. ऐसे में यदि आप जिंदगी की सच्चाई को इतने करीब से देखने के लिए तैयार हैं तो यह फिल्म जरूर देखें.

    ये भी पढ़ें:

    तो क्या 'बिग बॉस' में बने रहने की 'सेटिंग' कर चुकी हैं हिना खान?

    डिटेल्ड रेटिंग

    कहानी:
    3.5/5
    स्क्रिनप्ल:
    4/5
    डायरेक्शन:
    3.5/5
    संगीत:
    3/5

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें