बारहसिंघा का ग्रामीणों ने किया जीना मुश्किल, वनकर्मियों ने बचाई जान

बरहसिंधे तो बचाने के बाद ग्रामीणों के साथ वन अधिकारी 
फोटो-ईटीवी

बरहसिंधे तो बचाने के बाद ग्रामीणों के साथ वन अधिकारी फोटो-ईटीवी

वन परिक्षेत्र देवगढ़ से भटककर एक सोनहत विकासखंड के धनपुर गांव पहुंच गया. गांव में बारहसिंघा को देखकर कुछ ग्रामीण उसे दौड़ाने लगे. अपने पीछे इंसानों को लगा देख बारहसिंघा कड़कड़ाती ठंड में तालाब में जा घुसा. ठंडे पानी में लगभग 6 घंटे तक पड़े रहने के कारण बारहसिंघा की हालत खराब हो गई. इस सूचना को पाकर वन अमले ने किसी प्रकार घायल बारहसिंघा को तालाब से बाहर निकालकर उसका उपचार शुरू किया.

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 कोरिया जिले के सोनहत में बुधवार की रात इंसानों ने कुछ ऐसा कारनामा कर दिखाई कि इंसान और जानवर में जानवर कौन है इसकी पहचान मुश्किल हो गई. दरअसल वन परिक्षेत्र देवगढ़ से भटककर एक सोनहत विकासखंड के धनपुर गांव पहुंच गया. गांव में बारहसिंघा को देखकर कुछ ग्रामीण उसे दौड़ाने लगे. अपने पीछे इंसानों को लगा देख बारहसिंघा कड़कड़ाती ठंड में तालाब में जा घुसा. ठंडे पानी में लगभग 6 घंटे तक पड़े रहने के कारण बारहसिंघा की हालत खराब हो गई. इस सूचना को पाकर वन अमले ने किसी प्रकार घायल बारहसिंघा को तालाब से बाहर निकालकर उसका उपचार शुरू किया.

गुरु घांसीदास नेशनल पार्क से लगे  ग्राम धनपुर में बीते बुधवार की शाम की यह घटना है. एक बारहसिंघा वन क्षेत्र से भटककर धनपुर पहुंच गया. जब ग्रामीणों ने अचानक रिहायशी इलाके में बारहसिंघा दिखाई दिया तो उसे ग्रामीण दौड़ाने लगे. दौड़ाने पर बारहसिंघा जान बचाने के लिए तालाब में जा घुसा,

जिससे वह घायल हो गया. जब वन विभाग को रिहायशी इलाके में बारहसिंघा के आने की सूचना मिली तब वन विभाग की टीम ने देर रात किसी तरह उसे तालाब से निकाला. फिलहाल उसे अभी सोनहत नर्सरी में रखा गया है जहां उसका इलाज किया जा रहा है. इलाज के बाद उसे गुरुघासीदास नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा.

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