मोदी की पहल पर नई 'मोबाइल क्रांति' में जुटी केंद्र सरकार

मोदी की पहल पर नई 'मोबाइल क्रांति' में जुटी केंद्र सरकार
सरकार ने हैंडसेट कंपनियों को डिजिटल ट्रांजैक्शंस की सुविधा देने वाले फोन की कॉस्ट कम करने के लिए समाधान लाने को कहा है।

सरकार ने हैंडसेट कंपनियों को डिजिटल ट्रांजैक्शंस की सुविधा देने वाले फोन की कॉस्ट कम करने के लिए समाधान लाने को कहा है।

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नई दिल्ली। नोटबंदी के बाद हर लोग बहुत किफायती हो गए हैं और हर जगह सोच समझकर पैसे खर्च करने लगे हैं। और ऐसे में आप अगर स्मार्टफोन लेना चाहते हैं और बजट ज्यादा नहीं है तो सरकार ने खुद आपके लिए बेहद कम कीमत का स्मार्टफोन लाने की पहल की है। इकोनॉमिक टाइम्स के रिपोर्ट के मुताबिक, नीति आयोग की ओर से हाल में आयोजित एक मीटिंग में सरकार ने माइक्रोमैक्स, इंटेक्स, लावा और कार्बन जैसी डोमेस्टिक हैंडसेट मेकर्स को लो-कॉस्ट फोन बनाने के लिए कहा था, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शंस का दायरा बढ़ाया जा सके। फिलहाल इस तरह का आदेश किसी चीन की स्मार्टफोन बनाने वाली किसी भी कंपनी को नहीं दिया गया है।

सरकार ने हैंडसेट कंपनियों को डिजिटल ट्रांजैक्शंस की सुविधा देने वाले फोन की कॉस्ट कम करने के लिए समाधान लाने को कहा है। सरकार का 2000 तक के स्मार्टफोन लाने का मकसद कैशलेस इंडिया को बढ़ावा देना है, ताकि हर तबके के लोग उसे खरीद सकें और ज्यादा से ज्यादा डिजिटल भुगतान करें। सरकार ने लोकल मोबाइल कंपनियों से कहा है कि वे सस्ते स्मार्टफोन बनाए जिसमें QR कोड स्कैन, फिंगरप्रिंट स्कैनर द्वारा बायोमेट्रिक सिक्योरिटी जैसी सुविधाएं भी हों, जिसके लिए सरकार कोई भी सब्सिडी नहीं दे रही है।

दरअसल कैशलेस ट्रांजेक्शन बढ़ावा देने के लिए ही सरकार ने हाल ही में भीम एप भी लॉन्च किया है, लेकिन इस ऐप का इस्तेमाल वे ही कर पाएंगे जिनके पास स्मार्टफोन मौजूद होगा। गांवों में अभी भी लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं और इसी को ध्यान में रखकर सरकार ने सस्ते स्मार्टफोन लाने का कदम उठाया है। बता दें कि अब तक एक करोड़ स्मार्टफोन में भीम एप डाउनलोड किया जा चुका है।
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