होम /न्यूज /gujarat /14 साल का ब्रेन डेड बच्‍चा दिल, लिवर, फेफड़े और आंख के जरिये दे गया 6 लोगों को नई जिंदगी

14 साल का ब्रेन डेड बच्‍चा दिल, लिवर, फेफड़े और आंख के जरिये दे गया 6 लोगों को नई जिंदगी

14 साल के बच्‍चे ने दिल समेत अन्‍य अंग किए दान. (File pic)

14 साल के बच्‍चे ने दिल समेत अन्‍य अंग किए दान. (File pic)

Surat Brain Dead Boy: 14 साल के इस बच्‍चे का नाम धार्मिक काकड़िया है. वह सूरत शहर का रहने वाला है. उसकी तबीयत 27 अक्‍टू ...अधिक पढ़ें

    सूरत. दान (Donation) करने से से बड़ा कोई धर्म नहीं होता. दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं, जो जरूरतमंदों को दान देकर उनका जीवन खुशहाल बनाते हैं. ऐसा ही सूरत (Gujarat) का एक 14 साल का बच्‍चा है. वह खुद तो ब्रेन डेड (Brain Dead) था. मतलब उसका मस्तिष्‍क काम नहीं कर रहा था. लेकिन उसने 6 लोगों को अपने शरीर के अंगों के जरिये नई जिंदगी दी है. उसका अंगदान उसके माता-पिता ने किया है.

    इस 14 साल के बच्‍चे का नाम धार्मिक काकड़िया है. वह सूरत शहर के रहने वाला है. उसकी तबीयत 27 अक्‍टूबर को अचानक खराब हुई थी. ऐसे में उसके माता पिता उसे इलाज के लिए तुरंत सूरत के किरन अस्‍पताल ले गए थे. वहां डॉक्‍टरों ने उसकी स्‍वास्‍थ्‍य जांच की और उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था. धार्मिक के ब्रेन डेड होने की जानकारी शहर की डोनेट लाइफ संस्‍था को हुई तो उसकी टीम भी अस्‍पताल पहुंच गई. उन्‍होंने बच्‍चे के माता पिता को अंगदान का महत्‍व समझाया और उन्‍हें इसे लिए प्रेरित किया.

    माता-पिता ने दान किए बेटे के अंग
    टीम के समझाने के बाद उसके माता पिता अंगदान के लिए तैयार हो गए. इसके बाद उन्‍होंने उसका अंगदान किया. उसकी आंखों, हृदय, लिवर और दोनों हाथों को 6 लोगों को दान किया गया. इससे उन्‍हें नई जिंदगी मिली.

    यह भी पढ़ें: COVID-19 India: कोरोना संक्रमण में भारी गिरावट, 24 घंटे में 10243 नए केस, 443 मरीज़ों की मौत

    6 लोगों को लगाए गए अंग
    उसके अंगदान किए गए अंगों को चेन्‍नई, अहमदाबाद और मुंबई पहुंचाना था. इसके लिए तीन अलग-अलग ग्रीन कॉरिडोर भी बनाए गए और उन्‍हें समय से इन शहरों तक पहुंचाया गया. धार्मिक के दोनों हाथ पुणे के 32 साल के व्‍यक्ति को दान किए गए. उसका हृदय जूनागढ़ के 15 साल के बच्‍चे को दान किया गया. उसका ऑपरेशन अहमदाबाद में हुआ. वहीं फेफड़े का दान आंध्र प्रदेश के 44 साल के व्‍यक्ति को दिया गया. उसका ऑपरेशन चेन्‍नई में किया गया. धार्मिक के लिवर को गुजरात के पाटण निवासी 35 साल के व्‍यक्ति को दिया गया. उनका ऑपरेशन अहमदाबाद में हुआ. धार्मिक की आंखें किरन अस्‍पताल में ही जरूरतमंद को दी गईं.

    किडनी की थी बीमारी
    धार्मिक काकड़िया को पांच साल से किडनी की बीमारी थी. उसके पिता अजय भाई काकड़िया एक डायमंड कंपनी में बतौर मैनेजर काम करते हैं. धार्मिक की हालत इतनी खराब थी कि पिछले एक साल से उसे हफ्ते में तीन बार डायलिसिस कराना पड़ता था. अजय भाई खुद अपनी किडनी बेटे को देने को तैयार थे. इसकी तैयारी भी चल रही थी. लेकिन 27 अक्‍टूबर को धार्मिक की तबीयत अचानक खराब हुई थी.

    Tags: Gujarat, Organ Donation, Surat

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें