142 साल का हुआ सयाजी बाग, लोगों ने केक काट और ब्लड डोनेट कर मनाया पार्क का बर्थडे

वडोदरा महाराज द्वारा स्थापित होने के चलते सयाजीबाग का स्वरुप और महत्व तो ऐतिहासिक है हीं, इसकी बनावट और विविधता भी इसे खास बनाती है.

वडोदरा महाराज द्वारा स्थापित होने के चलते सयाजीबाग का स्वरुप और महत्व तो ऐतिहासिक है हीं, इसकी बनावट और विविधता भी इसे खास बनाती है.

सयाजी पार्क की स्थापना के 142 साल पूरे होने पर मॉनिंग वॉक करने वालों ने शुक्रवार को उत्सव किया. पार्क में ही एक स्थान पर जमा होकर जन्मदिन की पार्टी की. पहले केक कटिंग हुई फिर महाराजा सयाजीराव गायकवाड के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति कृतज्ञता अर्पित किया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 9, 2021, 4:13 PM IST
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देव कुमार पुखराज

गुजरात (Gujarat) के तीसरे बड़े और ऐतिहासिक शहर वडोदरा (Vadodara) का सबसे पुराना और बड़ा सयाजी बाग 142 साल का हो गया. इस मौके को यादगार बनाने के लिए लोगों ने पार्क में जश्न मनाया. पहले केट काटा, पेड़ों को गले लगाया, संस्थापक के चित्र पर फूल चढ़ाये और ब्लड डोनेशन भी किया गया

सयाजी पार्क की स्थापना के 142 साल पूरे होने पर मॉनिंग वॉक करने वालों ने शुक्रवार को उत्सव किया. पार्क में ही एक स्थान पर जमा होकर जन्मदिन की पार्टी की. पहले केक कटिंग हुई फिर महाराजा सयाजीराव गायकवाड के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके प्रति कृतज्ञता अर्पित किया गया. लोगों ने पेड़ों को गले लगाकर पर्यावरण रक्षा के प्रति अपने संकल्प को प्रदर्शित किया. फिर रक्तदान (Blood Donation) काम भी हुआ. इस मौके पर विशेष किस्म के टी-शर्ट बनावाये गये थे, जिसपर महाराजा की तस्वीर के साथ लिखा था- I LOVE SAYAJI BAUG.

वडोदरा का ऐतिहासिक है सयाजीबाग 
शहर के बीचोबीच 113 एकड़ में फैले सयाजीबाग को कमाटी बाग के नाम से भी जाना जाता है. ठीक 142 साल पहले सन 1879 में वडोदरा के तत्कालीन महाराजा सर सयाजीराव गायकवाड (Maharaja Sir Sayajirao Gaekwad) ने इस बाग को बनवाया था. पहले यह बाग केवल राज परिवार (Royal Family) के लिए रिजर्व था. बाद में इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया.

वडोदरा के लोग इस ऐतिहासिक धरोहर से अपने को जोड़े हुए हैं. हर रोज सुबह की सैर करने आने वाले विजय वड़वानी कहते हैं- “यह शहरवासियों के लिए फेफड़े का काम करता है. यह हमारे शहर को महाराजा सयाजीराव द्वारा दिया गया अनमोल उपहार है.”

क्यों खास है यह बाग



वडोदरा महाराज द्वारा स्थापित होने के चलते सयाजीबाग का स्वरुप और महत्व तो ऐतिहासिक है हीं, इसकी बनावट और विविधता भी इसे खास बनाती है. इस बाग में म्यूजियम, पिक्चर गैलरी, टॉय ट्रेन, फ्लोरल क्लॉक और चिड़िया घर भी है. हजारों की संख्या में दुर्लभ प्रजाति के पेड़-पौधे इस पार्क में मौजूद हैं. विविध किस्म के हजारों पक्षियों का यह प्रिय आश्रय स्थल भी है. बाग में मौजूद सालों पुराने वृक्ष, बदलते समय के मौन साक्षी रहे हैं. मॉर्निंग वार्कर अमी रावत कहती हैं- “महाराजा सयाजी राव मानते थे कि पेड़-पौधों और फूलों से लगाव हर किसी को होता है, लेकिन इसे Afford करना हर किसी के वश की बात नहीं होती. इसी सोच के तहत महाराजा ने इस बाग के दरवाजे आम लोगों के लिए खोल दिये, शहरवासियों के लिए महाराजा का यह बड़ा उपकार है. इसीलिए आज हम उनको श्रद्धा से याद कर रहे हैं.”
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