Black Fungus: गुजरात सरकार ने 'ब्लैक फंगस' को घोषित किया महामारी, केंद्र को भेजी जाएगी रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी का इलाज करने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों/ मेडिकल कॉलेजों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी का इलाज करने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों/ मेडिकल कॉलेजों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.

अहमदाबाद में कोरोना की दूसरी लहर में जहां एक तरफ अब कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आ रही है, वहीं दूसरी तरफ कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में म्यूकरमाइकोसिस की समस्या देखने को मिल रही है. इसके परिणामस्वरूप सिविल में इसके लिए 8 वार्ड शुरू किए गए हैं.

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अहमदाबाद. देश में जारी कोरोना संकट के बीच ब्लैक फंगस ने मुसीबत बढ़ा दी है. कई राज्यों के बाद गुजरात की विजय रुपाणी सरकार ने ब्लैक फंगस (Black Fungus) यानी म्यूकरमाइकोसिस (Mucormycosis) को महामारी घोषित कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी का इलाज करने वाले सरकारी और निजी अस्पतालों/ मेडिकल कॉलेजों को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.

बता दें कि कई राज्यों ने पहले ही ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया हुआ है. इससे पहले आज ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से ब्लैक फंगस संक्रमण (म्यूकरमाइकोसिस) को महामारी रोग अधिनियम 1897 के तहत अधिसूच्य बीमारी बनाकर सभी मामलों की सूचना देने को कहा था.

गुजरात के महानगरों में तेजी से बढ़ रहे हैं मामले

कोरोना की दूसरी लहर में म्यूकरमाइकोसिस नामक बीमारी के मामले बढ़ते जा रहे हैं. गुजरात राज्य के चार महानगरों के सिविल अस्पतालों में 1100 से ज्यादा मरीजों का इलाज चल रहा है. अकेले अहमदाबाद सिविल अस्पताल में फिलहाल 470 से ज्यादा मरीज भर्ती हैं. इसके अलावा यहां रोजाना 20 से ज्यादा सर्जरी की जा रही हैं.
अहमदाबाद में कोरोना की दूसरी लहर में जहां एक तरफ अब कोरोना मरीजों की संख्या में कमी आ रही है, वहीं दूसरी तरफ कोरोना से ठीक हो चुके लोगों में म्यूकरमाइकोसिस की समस्या देखने को मिल रही है. इसके परिणामस्वरूप सिविल में इसके लिए 8 वार्ड शुरू किए गए हैं जिनमें से 6 वार्ड प्री-ऑपरेटिव पेशेंट वार्ड हैं जबकि दो वार्ड पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड हैं. इसके साथ ही पांच ऑपरेशन थियेटर वार्ड हैं। 470 से अधिक मरीज म्यूकरमाइकोसिस के इलाज के लिए सिविल में भर्ती हैं.

किन्हें ज्यादा खतरा

ICMR के मुताबिक, कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में ये संक्रमण तेजी से फैल रहा है. कोरोना से ठीक हुए मरीजों को खास ध्यान रखने की जरूरत है. इसके अलावा, जिन मरीजों को डायबिटीज है, उनमें शुगर लेवल अगर बढ़ जाए, तो ये इंफेक्शन जानलेवा हो जाता है.




ब्लैक फंगस के लक्षण-

– बुखार या तेज सिरदर्द

– खांसी

– खूनी उल्टी

– नाक से खून आना या काले रंग का स्त्राव

– आंखों या नाक के आसपास दर्द

– आंखों या नाक के आसपास लाल निशान या चकत्ते

– आंखों में दर्द, धुंधला दिखाई देना

– गाल की हड्डी में दर्द, एक तरफा चेहरे का दर्द, चेहरे पर एक तरफ सूजन

– दांतों में ढीलापन महसूस होना, मसूढ़ों में तेज दर्द

– छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ होना

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