गुजरातः कार खरीदने की सोच रहे हैं? तो अहमदाबाद नगर निगम की नई पॉलिसी जान लें

नई नीति के मुताबिक पार्किंग स्पेस की आपूर्ति और मांग के बीच असमानता को पार्किंग स्पेस को पुर्नगठित करके पाटा जा सकता है.

नई नीति के मुताबिक पार्किंग स्पेस की आपूर्ति और मांग के बीच असमानता को पार्किंग स्पेस को पुर्नगठित करके पाटा जा सकता है.

Ahmedabad Municipal Corporation: अहमदाबाद नगर निगम की योजना आवासीय सोसायटी के आसपास सड़कों पर खड़ी कारों को कवर करने के लिए पार्किंग परमिट जारी करने की है.

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अहमदबाद. शहर में बढ़ती पार्किंग समस्या को देखते हुए अहमदाबाद नगर निगम (Ahmedabad Municipal Corporation) ने एक नई पार्किग नीति की घोषणा की है. इस पॉलिसी के तहत, नागरिकों को कार खरीदने से पहले पार्किंग की जगह होने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा. राज्य सरकार की ये नीति कार खरीदारों पर बड़ा असर डालने वाली है. इसके साथ ही अहमदाबाद नगर निगम (AMC) ने सार्वजनिक क्षेत्रों में विस्तारित अवधि के लिए पार्किंग बंद करने का भी फैसला किया है. पॉलिसी की अधिसूचना 22 अप्रैल 2021 को जारी की गई थी और विवरण बुधवार को उपलब्ध कराया गया.

नई पॉलिसी के तहत सामान्य पार्किंग स्थलों के लिए मासिक और वार्षिक परमिट जारी किए जाएंगे. एएमसी की योजना आवासीय सोसायटी के आसपास सड़कों पर खड़ी कारों को कवर करने के लिए पार्किंग परमिट जारी करने की है. एएमसी ने आगे कहा कि एक से अधिक कार एक प्रकार की लग्जरी है, जिसे प्रोत्साहित नहीं करने की आवश्यकता है. इसके लिए दूसरी, तीसरी और चौथी कार पर धीरे-धीरे टैक्स लगाना होगा.

बता दें कि केंद्र और राज्य सरकारों ने 2017 में नए नियमों को लागू करने के अपने इरादे की घोषणा की थी, जिसके तहत नए वाहन मालिकों के लिए यह प्रमाण देना अनिवार्य करना था कि एक पार्किंग क्षेत्र उनके लिए उपलब्ध है. पार्किंग की जगह का सबूत मांगने के लिए एएमसी नियम और दिशा-निर्देश तैयार करेगी. नई नीति पार्किंग स्थलों के बंटवारे को प्रोत्साहित करती है.

नीति के मुताबिक अहमदाबाद में पार्किंग जगह की कमी और पार्किंग सुविधाओं के असमान वितरण के कारण उपलब्ध स्थान का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाना चाहिए. साथ ही सीजी रोड, आश्रम रोड, पालड़ी और अन्य सीबीडी जैसे क्षेत्रों में अक्सर कार्यालय समय के दौरान पार्किंग की मांग में वृद्धि देखी जाती है, जबकि सप्ताहांत में मांग में गिरावट आती है.
नीति में कहा गया है कि ऑफिस, स्कूलों, बैंकों और वाणिज्यिक परिसरों, मॉल और उद्यानों के पार्किंग स्थान वीकेंड पर विभिन्न उपयोगों को दर्शाते हैं. हालांकि स्वामित्व और अधिकार क्षेत्र के मुद्दों के कारण क्षेत्र के अन्य वाहन उस पार्किंग का उपयोग करने में असमर्थ हैं. पार्किंग स्पेस की आपूर्ति और मांग के बीच असमानता को पार्किंग स्पेस को पुर्नगठित करके पाटा जा सकता है.

साथ ही, नई नीति में कई भवनों और आस-पास की नजदीकी सुविधाओं के बीच पार्किंग की जगह साझा करने के प्रावधान हैं. हालांकि, संबंधित चेयरपर्सन को वाहनों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी करना होगा. मध्यवर्ती सार्वजनिक परिवहन (आईपीटीएस) के उपयोग को ध्यान में रखते हुए निगम पार्किंग टैक्सियों और ऑटोरिक्शा के लिए मुफ्त ऑन-स्ट्रीट स्पॉट नामित होगा. इन स्थानों पर अन्य वाहन नहीं खड़े किए जा सकते. शहर के ट्रैफिक विभाग ने पहले ही 3,955 पार्किंग स्थलों की पहचान की है.

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