गुजरात में राष्ट्रीय वन्यजीव रोग निदान अनुसंधान और रेफरल केंद्र खोलने की तैयारी

नथवाणी के सवाल के जवाब में सुप्रियो ने बताया कि  बीमार और घायल शेरों के उपचार के लिए दो अस्पताल और सात बचाव केंद्र गिर में उपलब्ध हैं. फाइल फोटो

नथवाणी के सवाल के जवाब में सुप्रियो ने बताया कि बीमार और घायल शेरों के उपचार के लिए दो अस्पताल और सात बचाव केंद्र गिर में उपलब्ध हैं. फाइल फोटो

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गुजरात राज्य द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, बीमार और घायल शेरों के उपचार के लिए दो अस्पताल और सात बचाव केंद्र गिर में उपलब्ध हैं.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार जल्द ही गुजरात (Gujarat) में राष्ट्रीय वन्यजीव रोग निदान अनुसंधान और रेफरल केंद्र खोलने की तैयारी कर रही है. गुजरात सरकार और भारतीय वन्यजीव संस्थान के साथ परामर्श करने के बाद केंद्र सरकार इसे खोलेगी. राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी (Parimal Nathwani) के एक सवाल के जवाब में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो ने आज यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि शेर परियोजना के तहत एशियाई शेरों के वैज्ञानिक ढंग से संरक्षण का प्रबंधन किया जाएगा, ताकि उनकी संख्या के बारे में जानकारी मिल सके और शेरों को बचाया जा सके. इस परियोजना का लक्ष्य यह भी सुनिश्चित करना है कि स्थानीय समुदाय इसमें मदद करे और उन्हें इस परियोजना से कोई दिक्कत ना हो.

नथवाणी ने अपने सवाल में सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रोजेक्ट लॉयन के कार्यान्वयन के लिए रूप रेखा, बीमार या घायल शेरों के उपचार करने के लिए गिर में उपलब्ध स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे के ब्योरे के बारे में जानकारी मांगी थी.



सांसद ने साथ ही इस रूप रेखा में कैनाइन डिस्टेंपर आदि जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए गिर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (ICAR-IVRI) विशेष उपकेंद्र स्थापित करने के बारे में भी सवाल पूछा था.

सुप्रियो ने बताया कि गुजरात राज्य द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, बीमार और घायल शेरों के उपचार के लिए दो अस्पताल और सात बचाव केंद्र गिर में उपलब्ध हैं.
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