गुजरात निकाय चुनाव : हीरा नगरी सूरत में कांग्रेस से आगे निकली आप, जानें समीकरण

सूरत में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है (PTI)

सूरत में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है (PTI)

AAP in Surat: सूरत निकाय चुनाव के परिणाम बताते हैं कि हार्दिक पटेल के साथ रहा पाटीदार समाज अब आम आदमी पार्टी की ओर जाता दिख रहा है. कांग्रेस को जमीनी स्तर पर हार्दिक का फायदा नहीं हुआ है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 10:42 PM IST
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नई दिल्ली. गुजरात निकाय चुनाव (Gujarat Municipal Election Result) के जरिए आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के गृहनगर में शानदार सियासी एंट्री मारी है. हीरा व्यापार के लिए मशहूर सूरत नगरी में आम आदमी पार्टी को मतदाताओं ने हाथों हाथ लिया है. सूरत की कुल 120 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने 113 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे. पार्टी ने टिकट बांटने में सभी पार्टियों के प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा था, लेकिन सबसे अहम था पाटीदार समाज. सूरत पाटीदारों का गढ़ है. आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया एक वक्त पाटीदार आंदोलन का चेहरा थे. हार्दिक पटेल (Hardik Patel) के साथ अल्पेश कथीरिया भी काफी समय से कांग्रेस से नाराज चल रहे थे, जिसका फायदा आम आदमी पार्टी को मिला है. गोपाल इटालिया और आम आदमी पार्टी की स्थानीय इकाई ने पाटीदार इलाकों को टारगेट किया. टिकटों के मामले में भी उन्हें तरजीह दी.

पाटीदार इलाकों को देखें तो आम आदमी पार्टी वोट पाने में कामयाब रही है. बाकी मुफ्त बिजली और मुफ्त पानी का मुद्दा भी असर दिखाने में सफल रहा है. सूरत के कई इलाकों में मीटर से पानी मिलता है. पाटीदारों के अलावा अब तक कांग्रेस का जो पारंपरिक वोट था, उसने भी आम आदमी पार्टी को प्राथमिकता दी है. नतीजा सामने हैं. आम आदमी पार्टी ने 27 सीटों पर जीत हासिल की है. पार्टी को जिन 27 सीटों पर जीत मिली है, उनमें 23 सीटों पर पाटीदार उम्मीदवार जीते हैं. इसके साथ 3 ओबीसी उम्मीदवार और 1 एसटी उम्मीदवार भी जीता है. साफ है कि 27 सीटों में से 23 सीटें पाटीदार उम्मीदवारों ने आम आदमी पार्टी को जीतकर दी हैं.

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इस परिणाम के कई विश्लेषण हो सकते हैं. लेकिन, पहला बड़ा बदलाव ये है कि हार्दिक पटेल के साथ रहा पाटीदार समाज अब आम आदमी पार्टी की ओर जाता दिख रहा है. सूरत में हार्दिक पटेल ने कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में रैली भी की थी, लेकिन इसका कोई फायदा जमीनी स्तर पर कांग्रेस को नहीं मिला है. कांग्रेस को सूरत में एक भी सीट नहीं मिली है, जिससे जमीन पर काम कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी है. परिणाम आने के बाद कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं को पुतले फूंके और आरोप लगाया कि पार्टी नेताओं ने टिकटें बेची हैं.
बता दें कि गुजरात में अहमदाबाद समेत 6 महानगर पालिका (मनपा) की कुल 576 सीटों पर 21 फरवरी को वोट डाले गए थे. 6 में से 5 महानगर पालिका यानी अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, जामनगर और भावनगर में बीजेपी को बहुमत मिल गया गया है. सूरत में आम आदमी पार्टी (AAP) 18 सीटों पर आगे होकर दूसरे नंबर की पार्टी बन गई है. उसने कांग्रेस को तीसरे नंबर पर धकेल दिया है.

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए यह परिणाम बीजेपी के हौसले बुलंद करने वाले हैं. वहीं, इन नतीजों ने कांग्रेस को समीक्षा करने पर मजबूर कर दिया है.

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