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गुजरात स्‍थानीय निकाय चुनाव: आखिर अहमदाबाद में क्यों हुई सिर्फ 42% वोटिंग

अहमदाबाद में कुड़े का ढेर
अहमदाबाद में कुड़े का ढेर

Gujarat Municipal Election: : गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में मुख्य रूप से सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी कांग्रेस के बीच टक्कर मानी जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 23, 2021, 10:44 PM IST
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अहमदाबाद. गुजरात के स्‍थानीय निकाय चुनाव (Gujarat Municipal Election) के नतीजों आज आएंगे. अहमदाबाद के मतदाता बड़ी संख्या में नगर निकाय चुनाव में मतदान केंद्रों पर नहीं पहुंचे. यहां कुल 46 लाख मतदाता हैं. लिहाजा कुल 4536 बूथ बनाए गए थे. लेकिन सिर्फ 42 प्रतिशत वोटिंग हुई. आखिर इतनी कम वोटिंग क्यों हुई इसको लेकर लोगों की अलग-अलग राय है. पश्चिमी क्षेत्र में अहमदाबाद के पूर्वी भाग की तुलना में सबसे कम और नवरंगपुरा, सैटेलाइट, बोदकदेव, जोधपुर जैसे पॉश इलाकों में सबसे कम मतदान हुआ. आखिर इतनी कम क्यों हुई वोटिंग न्यूज़ 18 गुजराती की टीम अहमदाबाद के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंची और लोगों से इसके कारणों को जाना.
वजह नंबर 1: खैचर सोसाइटी के पास कचरा ढेर
अहमदाबाद में नवा वडाज क्षेत्र के निवासियों ने कहा कि यहां सिर्फ 39.26 फीसदी वोटों के लिए पार्षद जिम्मेदार हैं. नए वाडज में कूड़े के ढेर देखे जा सकते हैं. लोगों के मुताबिक वो हजारों बार नगर निगम के दफ्तर गए लेकिन कोई जवाब नहीं आया.

वजह नंबर 2: किसी ने भी हमें कोरोना में नहीं पूछा हाल
अहमदाबादियों का मानना ​​है कि पार्षद को कोरोना और लॉकडाउन में मामलों के बढ़ने के बारे में पता नहीं था. जिसके कारण लोगों में जागरूकता नहीं थी. ऐसा लग रहा था कि सरकार आंकड़ों को छिपा रही थी.





वजह नंबर 3: मुद्रास्फीति
मंहगाई ने आम जनता को परेशान कर दिया. अहमदाबाद के लोग पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर परेशान रहे. इसके अलावा, लोगों ने यह भी कहा कि पेट्रोल, डीजल और अब प्याज की कीमतें बढ़ गई हैं, जिसने हमें परेशान किया है. हम महंगाई को कब तक सहन करते हैं.

वजह नंबर 4: मतदान का क्या फायदा
अहमदाबाद के लोग का कहना है कि वे बदलाव के लिए वोट करने जाते हैं लेकिन परिवर्तन नहीं होता है. इसके पीछे कारण यह है कि हमें संदेह है कि ईवीएम में गड़बड़ी हुई है. अगर हम चर्चा करें, तो ऐसा लगता है कि इस बार सत्ताधारी दल नहीं आएगा, लेकिन अगर ऐसा होता है, तो यह सत्ताधारी पार्टी है. इसलिए यदि हम मतदान करने नहीं जाते हैं, तो कोई परेशानी नहीं होगी.

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कारण नंबर 5: टूटी सड़कें हुई हैं
टूटी सड़कों के कारण लोग परेशान हैं. चारों तरफ मेट्रो का काम चल रहा है और किसी भी समय सड़क का काम चलता रहता है.
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