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सूरत में टीकाकरण की तैयारियां तेज, 52 सेंटर पर 16 लाख कोरोना वैक्सीन स्टोर करने की व्यवस्था

रिपोर्ट के मुताबिक पहले चरण में सूरत में 6 से 7 लाख वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी.  (फाइलः कॉन्सेप्ट इमेज)
रिपोर्ट के मुताबिक पहले चरण में सूरत में 6 से 7 लाख वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी. (फाइलः कॉन्सेप्ट इमेज)

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Health Minister Harsh Vardhan) ने हाल ही में कहा था कि भारत सरकार (Indian Government) की प्राथमिकता सुरक्षा और वैक्सीन का प्रभाव है. केंद्र किसी भी मामले में समझौता नहीं करना चाहता. उन्होंने उम्मीद जताई थी कि जनवरी में वैक्सीन (Vaccine) का टीका लगना शुरू हो जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 27, 2020, 6:17 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस वैक्सीन (Corona Vaccine) की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. हालांकि अभी सरकार ने किसी वैक्सीन को इजाजत नहीं दी है, लेकिन राज्य सरकारों ने वैक्सीन को स्टोर करने और हेल्थ सेंटर विकसित करने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं. गुजरात में सूरत कोरोना वायरस (Surat Coronavirus) संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित शहर है. लिहाजा कोरोना वायरस (Coronavirus) के खिलाफ गुजरात सूरत में वैक्सीन के लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं. वैक्सीन के स्टोरेज के लिए शहर के लिए 52 हेल्थ सेंटर पर 52 आईएलआर (आइस लाइन्ड रेफ्रिजरेटर) और 56 डीप फ्रीजर की व्यवस्था की गई है. मुख्य हेल्थ सेंटर अडाजन से सभी हेल्थ सेंटर तक वैक्सीन पहुंचाई जाएगी.

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक पहले चरण में सूरत में 6 से 7 लाख वैक्सीन की जरूरत पड़ेगी, लेकिन महानगर पालिका ने इससे कई गुना ज्यादा 16 लाख वैक्सीन स्टोर करने की व्यवस्था की है. आईएलआर की क्षमता प्लस 2 से 8 और डीप फ्रिजर की माइनस 15 से 25 डिग्री सेल्सियस है. पहले चरण में कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स और 50 साल से अधिक उम्र के गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी. गुजरात में कोरोना वायरस संक्रमण की बात करें तो 10,512 एक्टिव केस हैं, जबकि 2 लाख 26 हजार 208 लोग इलाज पाकर ठीक हो चुके हैं. राज्य में संक्रमण के चलते 4275 लोगों की मौत हुई है.

कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) की बात करें तो देश में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (Oxford-Astrazeneca) की वैक्सीन को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया साझे में विकसित कर रहा है और इस वैक्सीन के अंतिम ट्रायल के डाटा का इंतजार है. सीरम ने देश में वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए केंद्र सरकार के पास आवेदन कर रखा है. इस वैक्सीन को सीरम कोविशील्ड के नाम से विकसित कर रहा है. इसके अलावा भारत बायोटेक कंपनी कोवाक्सिन को विकसित कर रही है. कंपनी ने वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल के लिए आवेदन कर रखा है.



उधर, ब्रिटेन और अमेरिका में कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) के टीके लोगों को लगने शुरू हो गए हैं. इन दोनों ने फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है. इनके अलावा इजरायल, कुवैत और कई यूरोपीय देशों ने वैक्सीन के इस्तेमाल की इजाजत दी है.
स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने हाल ही में कहा था कि भारत सरकार की प्राथमिकता सुरक्षा और वैक्सीन का प्रभाव है. केंद्र किसी भी मामले में समझौता नहीं करना चाहता. उन्होंने उम्मीद जताई थी कि जनवरी में वैक्सीन का टीका लगना शुरू हो जाएगा.

केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि 2021 की शुरूआत में कोविड वैक्सीन सभी के लिए उपलब्ध होगी.
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