जीएसटी के जॉइंट कमिश्नर 1.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए

प्रकाश रसनिया को गिरफ्तार करने के बाद नीतू सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया

प्रकाश रसनिया को गिरफ्तार करने के बाद नीतू सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया

Ahmedabad: प्रकाश रसनिया को गिरफ्तार करने के बाद नीतू सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया. फिर दोनों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्यालय ले जाया गया.

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  • Last Updated: March 27, 2021, 12:59 PM IST
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अहमदाबाद. फर्नीचर आयात करते एक व्यापारी के इनपुट टैक्स क्रेडिट को चुकाने के लिए रु 1.50 लाख की रिश्वत (Bribe) लेते जीएसटी के जॉइंट कमिश्नर नितिनसिंह अनिल त्रिपाठी और उनके अधीक्षक प्रकाश यशवंतभाई रसानिया को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शुक्रवार को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया.

ब्याज और जुर्माना राशि से बचने के लिए, संयुक्त आयुक्त नितिन सिंह अनिल त्रिपाठी और उनके साथी अधीक्षक प्रकाश यशवंत रसानिया ने 5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी. रकम बहुत ज्यादा थी तो दोनो के बीच कहासुनी हुई थी. लेकिन संयुक्त आयुक्त और अधीक्षक मानने को तैयार नहीं थे. आखिर में रु1.50 लाख रुपये देकर मामले को निपटाने का निर्णय लिया गया.

मामले को निपटाने के की अहमदाबाद के सैटेलाइट क्षेत्र में सीमा हॉल के पास CGST के डिवीजन -6 कार्यालय में पैसे का भुगतान करने का निर्णय लिया गया. आयातक ने रिश्वत का पैसा भुगतान करने से पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को इसकी सूचना दी. व्यापारी CGST अधिकारियों के साथ सहमति के अनुसार पैसा देने गए.

इस वक्त संयुक्त आयुक्त नितिनसिंह अनिल त्रिपाठी टीकाकरण का कारण बताते हुए चले गए. व्यापारी ने फोन किया तो रिश्वत के पैसे प्रकाश रसानिया को देने के लिए नीतूसिंहने निर्देश दिया. प्रकाश रसानिया को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा गया. साथ ही रिश्वत के रूप में दी गई पूरी रकम भी बरामद कर ली गई. ऑफिस में ही पैसे लिए थे.
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प्रकाश रसनिया को गिरफ्तार करने के बाद नीतू सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया. फिर दोनों को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कार्यालय ले जाया गया. ज्वाइंट कमिश्नर पर ट्रैप की कार्रवाई एसीबी के आरजी चौधरीने असिस्टेंट डायरेक्टर केबी चुडासमा की देखरेख में की.
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