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अगर मैं इस्तीफा दे देता तो मुफ्त इलाज नहीं मिलता, मूड बदलने के बाद बोले BJP सांसद

मनसुख वसावा की फाइल फोटो.
मनसुख वसावा की फाइल फोटो.

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (Vijay Rupani) से मुलाकात के बाद वसावा (Mansukh Vasava) ने रिपोर्टर्स से कहा, 'वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने मुझे समझाया कि मुझे अपनी पीठ और गर्दन की समस्या के लिए मुफ्त इलाज तभी मिलेगा जब सांसद बना रहूंगा. अगर मैंने इस्तीफा दे दिया तो ऐसा संभव नहीं हो पाएगा.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 30, 2020, 8:40 PM IST
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अहमदाबाद. गुजरात से बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनसुख वसावा (Mansukh Vasava) ने कहा है कि अगर वो पार्टी से इस्तीफा दे देते उन्हें मुफ्त इलाज की सुविधा (Won’t Get Free Medical Treatment) नहीं मिल पाती. दरअसल वसावा ने मंगलवार को बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था. लेकिन सीनियर पार्टी नेताओं के समझाने पर उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया है.

मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद क्या बोले वसावा
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी से मुलाकात के बाद वसावा ने रिपोर्टर्स से कहा, 'वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने मुझे समझाया कि मुझे अपनी पीठ और गर्दन की समस्या के लिए मुफ्त इलाज तभी मिलेगा जब सांसद बना रहूंगा. अगर मैंने इस्तीफा दे दिया तो ऐसा संभव नहीं हो पाएगा. पार्टी नेताओं ने मुझे आराम करने की सलाह दी और कहा कि ऐसा सिस्टम बना दिया जाएगा जिससे स्थानीय नेता मेरी तरफ से कामकाज देखते रहेंगे.'

सिर्फ स्वास्थ्य कारणों से दिया इस्तीफा
उन्होंने कहा, 'मेरे पार्टी से इस्तीफा देने के पीछे एकमात्र कारण स्वास्थ्य की समस्या थी. अब सीनियर नेताओं की तरफ से आश्वासन मिलने के बाद मैं इस्तीफा वापस ले रहा हूं. मैं एक सांसद के तौर पर लोगों की सेवा करता रहूंगा.'





पार्टी से नहीं कोई मतभेद
वसावा ने यह भी दावा किया कि ऐसी भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं कि पार्टी से नाराज हूं. मुख्य रूप से नर्मदा जिले में इको सेंसिटिव जोन को लेकर. लेकिन सच ये है कि राज्य और केंद्र की सरकार अपने सभी प्रयास कर रही हैं. मेरा पार्टी के साथ कोई मतभेद नहीं है. आदिवासी नेता वसावा ने कहा कि बीजेपी की सरकार ने आदिवासियों को पूर्व की सरकारों से कहीं ज्यादा फायदा पहुंचाया है.
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