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गुजरात में पुलिस हिरासत में मौत का मामला, चार पुलिसकर्मी निलंबित

कथित तौर पर मुंदरा पुलिस थाने में उक्त कांस्टेबलों की हिरासत में छह दिन तक रहने के बाद अर्जन गढ़वी (30) को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 19 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)
कथित तौर पर मुंदरा पुलिस थाने में उक्त कांस्टेबलों की हिरासत में छह दिन तक रहने के बाद अर्जन गढ़वी (30) को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 19 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

प्राथमिकी के अनुसार मुंदरा तालुका के समाघोघा गांव के निवासी गढ़वी को चोरी के एक मामले में शक के आधार पर तीनों कांस्टेबलों ने 12 जनवरी को हिरासत में लिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 24, 2021, 5:47 PM IST
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भुज. गुजरात (Gujarat) के कच्छ (Kutch) जिले में कुछ दिन पहले चोरी के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति की मुंदरा पुलिस की हिरासत (Police custody) में हुई मौत के बाद एक पुलिस निरीक्षक और तीन कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि हत्या के आरोपी तीनों कांस्टेबल, फरार हैं और उन्हें पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है. मृतक के एक रिश्तेदार द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार कथित तौर पर मुंदरा पुलिस थाने में उक्त कांस्टेबलों की हिरासत में छह दिन तक रहने के बाद अर्जन गढ़वी (30) को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां 19 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी.

कच्छ पश्चिम के पुलिस अधीक्षक सौरभ सिंह ने रविवार को कहा कि निरीक्षक जे ए पढियार को कर्तव्यपालन करने में विफलता के चलते निलंबित कर दिया गया और तीनों कांस्टेबलों पर हत्या का मामला दर्ज होने के बाद उन्हें निलंबित किया गया. मामले में कांस्टेबल शक्ति सिंह गोहिल, अशोक कन्नड़ और जयदेवसिंह झाला को निलंबित किया गया है. सिंह ने कहा, “मैंने तीनों आरोपी कांस्टेबलों और मुंदरा के एक पुलिस निरीक्षक को निलंबित कर दिया है. तीनों कांस्टेबल अभी फरार हैं और उन्हें पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है.”

प्राथमिकी के अनुसार मुंदरा तालुका के समाघोघा गांव के निवासी गढ़वी को चोरी के एक मामले में शक के आधार पर तीनों कांस्टेबलों ने 12 जनवरी को हिरासत में लिया था. शिकायत के अनुसार गढ़वी की गिरफ्तारी दिखाने और मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की बजाय कांस्टेबलों ने कथित तौर पर उसे अवैध हिरासत में रखा और जुर्म स्वीकार करने के लिए प्रताड़ित किया.

प्राथमिकी के अनुसार जब शिकायतकर्ता और अन्य लोग 16 जनवरी को गढ़वी के बारे में पूछताछ करने पुलिस थाने गए तो गढ़वी ने उन्हें बताया कि कांस्टेबलों द्वारा उसे पीटा गया और बिजली के झटके दिए गए.
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