गुजरात में प्राइवेट नर्सिंग होम कर सकेंगे कोरोना संक्रमितों का इलाज, नहीं लेनी होगी अनुमति

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि राज्य के तमाम निजी अस्पतालों के डॉक्टर कोरोना संक्रमितों का इलाज कर सकेंगे. ANI

मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि राज्य के तमाम निजी अस्पतालों के डॉक्टर कोरोना संक्रमितों का इलाज कर सकेंगे. ANI

Coronavirus in Gujarat: मुख्यमंत्री विजय रुपाणी (CM Vijay Rupani) ने कहा कि राज्य के तमाम निजी अस्पतालों के डॉक्टर कोरोना संक्रमितों का इलाज कर सकेंगे. इसके लिए कोई इजाजत नहीं लेनी होगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 11:47 PM IST
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नई दिल्ली. गुजरात में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य की रुपाणी सरकार (Vijay Rupani) ने संक्रमितों के इलाज के लिए सभी प्राइवेट अस्पतालों, क्लिनिक और नर्सिंग होम को 15 जून तक इलाज की अनुमति दे दी है. इसके लिए प्राइवेट मेडिकल संस्थानों को किसी तरह की अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी. सरकार के फैसले के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा कि राज्य के तमाम निजी अस्पतालों के डॉक्टर कोरोना संक्रमितों का इलाज कर सकेंगे. इसके लिए कोई इजाजत नहीं लेनी होगी. केवल इस बारे में जिला कलेक्टर को लिखित जानकारी देनी होगी.

मुख्यमंत्री रुपाणी ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज में एक्सपर्ट डॉक्टर को प्रति महीने 2.5 लाख, मेडिकल ऑफिसर को 1.25 लाख, डेंटल डॉक्टर को 40 हजार, आयुष डॉक्टर्स को 35 हजार, जूनियर फार्मासिस्ट के अलावा टेक्नीशियन को 18 हजार और स्वीपर और बाकी स्टाफ को 15 हजार अतिरिक्त प्रोत्साहक राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि ये प्रोत्साहक राशि 3 महीने तक दी जाएगी. इसके साथ ही राज्य में सेना के अस्पतालों में भी कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज शुरू होगा.

रूपाणी सरकार को हाईकोर्ट का नोटिस

गुजरात हाईकोर्ट ने बीजेपी की राज्य इकाई के अध्यक्ष सी आर पाटिल और विजय रूपाणी सरकार को रेमडेसिविर इंजेक्शन की खरीद और इसके वितरण के संबंध में मंगलवार को नोटिस जारी किए. रेमडेसिविर इंजेक्शन संक्रमण के उपचार में काम आता है. दरअसल राज्य बीजेपी ने पार्टी के सूरत कार्यालय से इंजेक्शन की पांच हजार शीशियां निशुल्क बांटने का अभियान दस अप्रैल से शुरू किया था.
विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धानाणी ने इस संबंध में याचिका दाखिल की, जिसे न्यायाधीश सोनिया गोकानी और न्यायमूर्ति वैभव नानावटी की पीठ ने स्वीकार करते हुए सूरत से बीजेपी विधायक हर्ष सांघवी और जिलाधिकारी को भी नोटिस जारी किए. हाईकोर्ट ने खाद्य एवं औषधि आयुक्त को पीठ को यह सूचित करने को कहा कि धानाणी की 14 अप्रैल को दाखिल याचिका पर क्या कार्रवाई की गई.



धानाणी ने पाटिल के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और अपनी याचिका में कहा था कि सत्तारूढ़ दल ने दवा अवैध रूप से खरीदी है और इसका भंडारण किया है और उसके पास ऐसा करने का लाइसेंस नहीं है.
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