चक्रवाती तूफ़ान 'वायु' अब इस दिन गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र पहुंचेगा, 'अति गंभीर' श्रेणी में शामिल

वायु की दिशा शनिवार को गुजरात के तटीय क्षेत्रों से समुद्र में पश्चिम की ओर हो गयी है. मौसम विभाग ने इसके 17 जून को शाम तक सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय क्षेत्र में पहुंचने का अनुमान जताया है.

News18Hindi
Updated: June 16, 2019, 6:41 AM IST
चक्रवाती तूफ़ान 'वायु' अब इस दिन गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र पहुंचेगा, 'अति गंभीर' श्रेणी में शामिल
17 जून को गुजरात के तट से टकराएगा चक्रवाती तूफ़ान वायु
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Updated: June 16, 2019, 6:41 AM IST
चक्रवाती तूफान 'वायु' ने 14 जून देर शाम को अपनी दिशा फिर बदल ली है और ये अब फिर से गुजरात के तटीय इलाकों से टकराने वाला है. मौसम विभाग के मुताबिक इसकी गति धीमी हो गयी है लेकिन अब भी इसे ' अति गंभीर' श्रेणी का ही माना जाएगा. वायु की दिशा शनिवार को गुजरात के तटीय क्षेत्रों से समुद्र में पश्चिम की ओर हो गयी है. मौसम विभाग ने इसके 17 जून को शाम तक सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय क्षेत्र में पहुंचने का अनुमान जताया है.

विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक शनिवार को शाम चार बजे तक वायु का प्रभावक्षेत्र अरब सागर में पूर्वोत्तर और मध्य पूर्वी क्षेत्र में दीव से 445 किमी पश्चिम में और पोरबंदर से 335 किमी पश्चिम दक्षिण पश्चिम में स्थित था. यह लगभग छह किमी प्रति घंटे की गति से तटीय क्षेत्रों से समुद्र में पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. इसके अनुसार वायु, अगले 24 से 36 घंटे तक इस गति से पश्चिम दिशा में बढ़ते हुये लगातार कमजोर हो रहा है. विभाग ने इसके बाद वायु की दिशा में बदलाव की संभावना व्यक्त करते हुये कहा है कि इसके उत्तरपूर्व में रुख करने के बाद 17 जून को शाम तक सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय क्षेत्र में पहुंचने का अनुमान है.

वायु से मानसून पर कोई असर नहीं
प्राप्त जानकारी के मुताबिक गुजरात के समुद्री क्षेत्र में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने के कारण शनिवार को तटीय इलाकों में द्वारका, भावनगर और पोरबंदर में 0.4 से 17 मिमी तक बारिश हुई है. विभाग ने इन इलाकों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना जतायी है. इसके अलावा द्वारका, ओखा, कांडला, पोरबंदर और आसपास के इलाकों में 10 से 27 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाओं का दौर जारी है. चक्रवात के कारण जानमाल के संभावित नुकसान की आशंका को देखते हुये केन्द्र एवं राज्य सरकार की एजेंसियों द्वारा किये गये एहतियाती उपायों के कारण अभी तक तूफान प्रभावित इलाकों में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है.

वायु से मिलेगी राहत
अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान 'वायु' की वजह से दक्षिण पश्चिमी मानसून की धीमी गति पर भले ही कोई असर न पड़ा हो लेकिन भीषण गर्मी से जूझ रहे उत्तर पश्चिम के मैदानी इलाकों में नम हवाओं ने गर्मी से राहत जरूर दी है. मौसम विभाग ने वायु से मानसून के प्रभावित होने की आशंकाओं को नकारते हुए कहा है कि 'वायु' और उत्तर पश्चिम मानसून, दोनों उत्तर की ओर सक्रिय होने के कारण मैदानी इलाकों में हल्की बारिश और तेज नम हवाओं के रूप में गर्मी से राहत देने में मददगार साबित हो सकता है.
मौसम विभाग के वैज्ञानिक रंजीत सिंह ने बताया कि दक्षिण में केरल तट से उत्तर की ओर बढ़ रहे दक्षिण पश्चिम मानसून और पश्चिमी तट पर अरब सागर में सक्रिय हुआ चक्रवाती तूफान 'वायु' भी उत्तर में महाराष्ट्र से गुजरात की ओर बढ़ रहा है. सिंह ने बताया कि बुधवार को चक्रवाती तूफान की गति और दिशा में मामूली बदलाव की वजह से 'वायु' की सक्रियता गुजरात के तटीय क्षेत्रों के बजाय समुद्री क्षेत्र में ही सीमित हो रही है. इस कारण से दक्षिण पश्चिम मानसून के प्रभावित होने की आशंका नहीं है.
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