अहमदाबाद के निजी अस्पतालों में कोरोना का मुफ्त इलाज हुआ बंद, अब देने होंगे पैसे

अहमदाबाद के निजी अस्पतालों में अब कोरोना का मुफ्त इलाज नहीं किया जाएगा.

अहमदाबाद के निजी अस्पतालों में अब कोरोना का मुफ्त इलाज नहीं किया जाएगा.

अहमदाबाद (Ahmedabad) के 65 अस्पताल ऐसे थे, जिसमें अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ओर से 50% बेड कोरोना मरीजों (Corona Patients) के लिए रखे गए थे. अब मरीज को अपने खर्च पर निजी अस्पताल (Private Hospital) में इलाज कराना होगा.

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  • Last Updated: March 21, 2021, 8:24 AM IST
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अहमदाबाद. देश में एक ओर जहां कोरोना (Corona) संक्रमण के मामले बढ़ने लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ कोरोना के इलाज को लेकर भी मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है. कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच अहमदाबाद (Ahmedabad) के निजी अस्‍पतालों में कोरोना का मुफ्त इलाज (Free Treatment) बंद कर दिया गया है. अगर किसी को निजी अस्‍पताल (Private Hospital) में कोरोना का इलाज कराना है तो उसे पैसे देने होंगे या फिर मुफ्त इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा. अहमदाबाद के हॉस्पिटल एंड नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत गढ़वी ने कहा कि कोरोना बेड को लेकर 3 मार्च को ये फैसला लिया गया था कि अब निजी अस्‍पतालों में कोरोना का मुफ्त इलाज नहीं होगा.

भारत गढ़वी ने बताया अहमदाबाद के 65 अस्पताल ऐसे थे, जिसमें अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ओर से 50% बेड कोरोना मरीजों के लिए रखे गए थे. अब मरीज को अपने खर्च पर निजी अस्पताल में इलाज कराना होगा. उन्‍होंने कहा कि कोरोना के मामले भले ही बढ़ गए हैं लेकिन ऐसी स्थिति नहीं है जहां किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना पड़े. अब घर पर ही मरीजों का इलाज किया जा सकता है.

बता दें कि अभी तक निजी अस्‍पतालों में 50 प्रतिशत बेड अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की ओर से रखे गए थे जबकि शेष 50 प्रतिशत बेड पर अस्पताल प्रबंधन अपने तरीके से मरीजों को भर्ती कर सकता है और पैसे वसूल सकता है. सरकार ने तय किया था कि अगर ये 50 प्रतिशत बेड खाली रहते हैं तो भी अस्‍पताल को एक निश्चित राशि का भुगतान किया जाएगा.
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हालांकि अब निजी अस्पतालों ने एएमसी के बेड को कुछ समय के लिए वापस कर दिया गया है, ताकि अस्पताल अन्‍य मरीजों को भर्ती कर इलाज शुरू कर सके. दूसरी ओर,अहमदाबाद नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी, भाविन सोलंकी ने बताया कि क्‍योंकि मार्च में कोरोना मरीजों की संख्‍या न के बराबर हो गई थी इसलिए अहमदाबाद नगर निगम ने अस्‍पतालों के साथ किए गए समझौते को रद्द कर दिया था.
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