BJP शासित राज्यों में ही Remdesivir भेज रही गुजरात सरकार? डिप्टी सीएम ने खारिज किए आरोप

रेमडेसिविर इंजेक्शन

रेमडेसिविर इंजेक्शन

Coronavirus In India: सरकार ने कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए रविवार को रेमडेसिविर इंजेक्शन और उसके रसायन (एपीआई) के निर्यात पर स्थिति सुधरने तक रोक लगा दी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 5:28 PM IST
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अमहादाबाद. गुजरात (Gujarat Government) सरकार ने बुधवार को कहा कि उसने सरकारी और निजी अस्पतालों में कोविड -19 रोगियों और राज्य में गंभीर लक्षणों वाले रोगियों को प्रतिदिन एंटीवायरल दवा रेमेडिसविर के लगभग 25,000 इंजेक्शन उपलब्ध कराए हैं. यह बयान तब आया जब उत्तर प्रदेश सरकार ने गुजरात से रीमेडिसविर की 25,000 यूनिट्स लाने के लिए अहमदाबाद में सरकारी विमान भेजा. यूपी सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि खेप बुधवार शाम तक लखनऊ पहुंची.

इस बीच गुजरात सरकार ने इस बात से इनकार किया है कि राज्य  भाजपा शासित राज्यों में ही दवा का स्टॉक भेज रहा है. सरकार ने ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स को 'आधारहीन और असत्य' बताया गया है. राज्य सरकार की ओर से बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है: 'कुछ मीडिया में आज की रिपोर्ट में कहा गया है कि रेमेडिसविर इंजेक्शन गुजरात से भाजपा शासित राज्यों में भेजा जाएगा ... ये रिपोर्ट पूरी तरह से निराधार और असत्य हैं.'

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अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार 'गुजरात के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने कहा- 'यह निर्माता या आपूर्तिकर्ता के साथ निविदा के आधार पर होता है. कंपनी ने दिया होगा, गुजरात सरकार ने नहीं दिया है. हम किसी को नहीं दे रहे हैं. हर दिन सरकारी स्टॉक (गुजरात मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के माध्यम से खरीद) को लगभग 20,000 यूनिट्स की सप्लाई मिलती है. यह खुले बाजार के स्टॉक से अलग है.'
इस बीच सूरत में बीजेपी कार्यालय पर शनिवार से मुफ्त रेमेडिसविर इंजेक्शन वितरण रुक गया. बताया गया कि 'स्टॉक की कमी' के चलते ऐसा किया गया. पार्टी के गुजरात प्रमुख सीआर पाटिल ने जाइडस कैडिला से मिली 5,000 खुराकें वितरित करने का वादा किया था, लेकिन पार्टी ने सोमवार तक 3,000 खुराकें वितरित की थीं.

योगी ने गुजरात से मंगाई रेमडेसिविर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बुधवार को गुजरात से रेमडेसिविर की 25000 शीशी मंगवायीं. मुख्यमंत्री कार्यालय से किए गए ट्वीट के मुताबिक, 'मुख्यमंत्री ने अहमदाबाद से 25,000 रेमडेसिविर की तत्काल उपलब्धता के आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं.' ट्वीट के मुताबिक मुख्यमंत्री के आदेशानुसार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी राजकीय वायुयान से आज ही अहमदाबाद से रेमडेसिविर इंजेक्शन ले आएंगे. बुधवार को ही इस दवा की खेप उत्तर प्रदेश पहुंच गयी.



मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को कोविड का टीका निर्धारित बाजार मूल्य पर ही उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये. साथ ही कहा कि दवा की कोई कमी नहीं होनी चाहिये. उन्होंने यह भी कहा कि हर जिले में रेमडेसिविर, आईवरमेक्टिन, पैरासिटामॉल, डॉक्सीसाइक्लिन, एजीथ्रोमाइसिन, विटामिन सी, जिंक टैबलेट, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन डी3 की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.

एक अधिकारी ने बताया कि इस वक्त रेमडेसिविर इंजेक्शन की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है और इसे गम्भीर मरीजों को दिया जा रहा है. गम्भीर कमी के कारण केन्द्र सरकार ने रेमडेसिविर इंजेक्शन और रेमडेसिविर एक्टिव फार्मास्यूटिक इंग्रीडियेंट्स के निर्यात पर पाबंदी लगा दी है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के मामलों में रोज नया उछाल आ रहा है. बुधवार को प्रदेश में 20 हजार से ज्यादा नए मरीजों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई और 68 मरीजों की मौत भी हो गई.

रेमडेसिविर का उत्पादन बढ़ाकर प्रतिमाह करीब 78 लाख शीशियां करने को मंजूरी दी

सरकार ने बुधवार को कहा कि उसने रेमडेसिविर की विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. इसके तहत उत्पादन प्रति माह लगभग 78 लाख शीशी तक बढ़ायी जायेगी. रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय ने एक बयान में कहा, रेमडेसिविर के सात निर्माताओं की वर्तमान कुल स्थापित क्षमता 38.80 लाख शीशी प्रतिमाह की है.

मंत्रालय ने कहा, ‘छह विनिर्माताओं को 10 लाख शीशी प्रति माह की उत्पादन क्षमता वाले सात अतिरिक्त साइटों के लिए त्वरित मार्ग से स्वीकृति दी गई है. 30 लाख शीशी प्रति माह का उत्पादन भी शुरु होने वाला है. इससे विनिर्माण की उत्पादन क्षमता लगभग 78 लाख शीशी प्रति माह हो जाएगी.’ बयान में कहा गया है कि रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने रेमडेसिविर की उपलब्धता के मुद्दे की समीक्षा सभी विनिर्माताओं एवं अन्य अंशधारकों के साथ हुई बैठक में की. बैठक में रेमडेसिविर का उत्पादन व आपूर्ति बढ़ाने और कीमतों को कम करने के बारे में फैसले लिए गए.



मंत्रालय ने कहा कि अतिरिक्त उपाय के रूप में, विदेश व्यापार महानिदेशालय ने रेमडेसिविर, मुख्य रसायन (एपीआई) और फार्मूलेशन को 11 अप्रैल, 2021 से निर्यात प्रतिबंध के तहत रखा है ताकि घरेलू बाजार में रेमडेसिविर की आपूर्ति को बढ़ाया जा सके.
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