हार्दिक पटेल को नहीं मिली राहत, कोर्ट से पूछे बिना नहीं जा सकेंगे गुजरात से बाहर

हार्दिक पटेल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे.
 (PTI Photo/Santosh Hirlekar)

हार्दिक पटेल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे. (PTI Photo/Santosh Hirlekar)

Gujarat Latest news in Hindi: पटेल को राजद्रोह के मामले में सुनवाई के दौरान पेश नहीं होने पर गिरफ्तार किया गया था. निचली अदालत ने जनवरी 2020 में उन्हें सशर्त जमानत दी थी.

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  • Last Updated: March 10, 2021, 8:38 PM IST
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अहमदाबाद. गुजरात उच्च न्यायालय (Gujarat High Court) ने बुधवार को कांग्रेस के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष हार्दिक पटेल (Hardik Patel) के उस आवेदन को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने बिना अनुमति के बगैर गुजरात से बाहर नहीं जाने की उनपर निचली अदालत द्वारा लगायी गयी शर्त हटाने का अनुरोध किया है. न्यायमूर्ति ए वाई कोगजे ने पटेल की अर्जी खारिज कर दी.

पटेल के वकील आनंद याज्ञनिक ने कहा, ‘‘ अदालत ने यह शर्त हटाने के अनुरोध संबंधी पटेल का आवेदन खारिज कर दिया कि उसकी पूर्वानुमति के बगैर वह गुजरात से बाहर नहीं जा सकते हैं.’’

2020 में मिली थी सशर्त जमानत
पटेल को राजद्रोह के मामले में सुनवाई के दौरान पेश नहीं होने पर गिरफ्तार किया गया था. निचली अदालत ने जनवरी 2020 में उन्हें सशर्त जमानत दी थी. उन्होंने इसी शर्त को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी.
2018 में तय हुए थे पटेल के खिलाफ आरोप


कांग्रेस नेता को उसी अदालत ने पार्टी के काम से तथा अपने वकीलों से संपर्क करने के लिए 15 दिनों के लिए दिल्ली एवं अन्यत्र जाने के लिए अनुमति दी थी. अगस्त, 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के बाद अहमदाबाद अपराध शाखा ने पटेल पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया था. यह आंदोलन हिंसक हो गया था. एक निचली अदालत ने नवंबर, 2018 में पटेल के विरूद्ध आरोप तय किये थे.

सुनवाई के दौरान 61 बार रहे थे अनुपस्थित
मामले के जांच अधिकारी, साइबर अपराध पुलिस निरीक्षक आर जे चौधरी ने अपनी अर्जी में कहा कि पटेल ने गुजरात उच्च न्यायालय और निचली अदालत द्वारा लगाई जमानत की शर्तों का कई मौकों पर उल्लंघन किया है और अपने पते में बदलाव के बारे में पुलिस को सूचना नहीं दी तथा देशद्रोह मामले में सुनवाई में 61 बार अनुपस्थित रहे.

2019 में थामा था कांग्रेस का दामन
पाटीदार (समुदाय के) कोटा के लिए 25 अगस्त 2015 को एक रैली के बाद गुजरात के कई हिस्सों में हिंसा भड़क जाने के सिलसिले में अपराध शाखा ने पटेल के खिलाफ देशद्रोह का एक मामला दर्ज किया था. पटेल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे.
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