कोरोना के बढ़ते मामलों पर गुजरात हाईकोर्ट सख्त, कहा- लॉकडाउन की जरूरत है

गुजरात उच्च न्यायालय

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Coronavirus In Gujarat: कोर्ट ने सरकार से स्थिति के आधार पर जल्द से जल्द फैसला लेने को कहा है . हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य में 3 से 4 दिन कर्फ़्यू और वीकेंड कर्फ्यू के सिलसिले में सरकार फैसला ले.

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गांधीनगर. गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High court) ने राज्य में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच निर्देश दिये हैं. कोर्ट ने टिप्पणी की है कि राज्य में लॉकडाउन की जरूरत है. कोर्ट ने स्थिति के आधार पर जल्द से जल्द फैसला लेने को कहा. हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य में 3 से 4 दिन कर्फ़्यू और वीकेंड कर्फ्यू के सिलसिले में सरकार फैसला ले. गुजरात में सोमवार को पहली बार एक दिन में 3,000 कोविड-19 मामले आए. राज्य में कुल 3,160 मामले आए .पंद्रह लोगों ने संक्रमण के कारण दम तोड़ दिया.

सिविल अस्पताल, अहमदाबाद के अधिकारियों ने बताया कि पिछले नौ दिनों में कुल 899 रोगियों को कोरोना संक्रमण के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इनमें टीकाकरण के योग्य 95 फीसदी लोगों को टीका नहीं लगा था.

हर घंटे आ रहे हैं 132 नए मामले
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार  सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जेपी मोदी ने कहा कि अस्पताल में भर्ती 899 मरीजों में से केवल 93 को ही कोरोना रोधी टीके को पहली डोज मिली थी. वहीं इनमें से 21 मरीजों को दोनों डोज मिली थीं.
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बता दें फिलहाल राज्य में वर्तमान में 16 हजार 252 एक्टिव मामले हैं और 167 मरीज वेंटिलेटर पर हैं. राज्य के कुल मामलों की संख्या की बात करें तो 3 लाख 21 हजार 598 है और कुल मौत का आंकड़ा 4 हजार 581 तक पहुंच गया है. अकेले अप्रैल के पांच दिनों में 13,900 मामले और 66 मौतें हुई हैं. मौजूदा हालात में हर घंटे 132 लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं.

इससे पहले सोमवार को कोरोना के संक्रमण (Coronavirus)  पर लगाम लगाने के लिए गुजरात सरकार ने 7 अहम फैसले लिए हैं. इसको लेकर मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल की अध्यक्षता में कोर कमेटी की एक बैठक हुई. इस बैठक में कोरोना के मरीजों को ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने का भी फैसला लिया गया है. साथ अब लोगों को सिर्फ एक रुपये में मास्क बांटे जाएंगे.

60% ऑक्सीजन चिकित्सा सुविधाओं के लिए रिजर्व
बैठक में फैसला लिया गया है कि राज्य में ऑक्सीजन के निजी उत्पादकों को कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए 60 प्रतिशत ऑक्सीजन देना होगा. उत्पादन की आपूर्ति का केवल 40 प्रतिशत वे औद्योगिक इस्तेमाल के लिए दे सकते हैं.

मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने राज्य के 8 महानगरीय निगमों में 500-500 बिस्तर वाले कोविड सेंटर खोलने का फैसला लिया है. इसकी जिम्मेदारी 8 IAS-IFS अधिकारियों को दी गई है. ऐसे कोविड हेल्थकेयर सेंटर के लिए अधिकतम दो हजार प्रति दिन लिए जाएंगे. इस चार्ज में रेमेडिविविर इंजेक्शन की लागत शामिल नहीं है यानी इस तरह के इंजेक्शन का अलग से चार्ज किया जाएगा.
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