गुजरातः 750 वॉलेंटियर्स को दी गई स्वदेशी 'कोवैक्सीन' की पहली खुराक, डॉक्टर बोले- कोई साइड इफेक्ट नहीं

स्वदेशी टीका 25 अस्पतालों में 26 हजार लोगों को लगाया जाएगा.

Covaxin 1st dose: भारत बायोटेक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के सहयोग से कोवैक्सीन को विकसित कर रहा है.

  • Share this:
    अहमदाबाद. भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वैक्सीन का ट्रायल जारी है. रविवार को गुजरात में 750 वॉलेंटियर को भारत बायोटेक के COVID-19 वैक्सीन 'कोवैक्सिन' (Coronavirus Vaccine) की पहली खुराक दी गई है. एक वरिष्ठ डॉक्टर ने कहा कि अहमदाबाद के सिटी अस्पताल में 750 से अधिक स्वयंसेवकों को वैक्सीन के ट्रायल के तीसरे चरण में यह डोज दिया गया है. उन्होंने बताया कि वैक्सीन की पहली खुराक देने के बाद अब तक किसी भी वॉलेंटियर में कोई साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिला है.

    बता दें कि भारत बायोटेक इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के सहयोग से कोवैक्सीन को विकसित कर रहा है. अस्पताल के टीबी और चेस्ट विभाग की प्रमुख डॉ. किरण रामी ने पीटीआई को बताया कि सोला सिविल अस्पताल में टीके के तीसरे चरण के परीक्षण किए जा रहे हैं. डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरा-मेडिक्स जैसे लगभग 50 स्वास्थ्य कर्मचारियों सहित 750 से अधिक स्वयंसेवकों को कोवैक्सीन की पहली खुराक दी गई है.

    1 हजार वॉलेंटियर्स को दी जाएगी वैक्सीन
    डॉ. रामी ने कहा, "इस महीने के अंत तक कुल 1,000 वॉलेंटियर्स को टीका दिया जाएगा. हमने उन वॉलेंटियर्स को दूसरी बूस्टर खुराक भी देना शुरू कर दिया है, जिन्होंने पहली खुराक के 28 दिन पूरे कर लिए हैं. जिसमें महज 15 लोग शामिल है. दूसरे बूस्टर खुराक के लिए जिन्होंने 28 दिन पूरे किए, उन्हें अस्पताल द्वारा बुलाया जा रहा है. डॉ. रामी ने कहा कि सभी वॉलेंटियर्स को इनके वैक्सीन प्रोग्राम का डाटा कलेक्ट करने के लिए एक डायरी दी गई है, ताकि किसी तरह की चूक न हो.

    उल्लेखनीय है कि गुजरात के अहमदाबाद में सोला सिविल अस्पताल को 1,000 वॉलेंटियर्स पर कोवैक्सीन के तीसरे चरण के मानव परीक्षणों के लिए चुना गया है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.