जामनगर लोकसभा सीट: मोदी लहर की कामयाबी को बरकरार रख पाएंगी पूनम बेन?

जामनगर लोकसभा सीट: मोदी लहर की कामयाबी को बरकरार रख पाएंगी पूनम बेन?
पूनम बेन

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की पूनम बेन माडम जीती थीं. उन्हें 4,84,412 वोट मिले थे. दूसरे स्थान पर आए थे अर्जन भाई माडम, जिन्हें 3,09,123 वोट मिले.

  • Share this:
सौराष्ट्र क्षेत्र का शहर जामनगर गुजरात के पांच प्रमुख शहरों में एक है. यह इलाका कच्छ की खाड़ी और अरब सागर से सीधे जुड़ा है. यहां सीमेंट और कपड़ों के कारखाना भी हैं. इस क्षेत्र में देश की सबसे बड़ी रिलायंस इंडस्ट्रीज की ऑयल रिफाइनिंग कंपनी भी है, जिसके चलते जामनगर को ऑयल सिटी भी कहा जाता है.

पिछले चुनाव में कैसा था मिजाज

2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी की पूनम बेन माडम जीती थीं. उन्हें 4,84,412 वोट मिले थे. दूसरे स्थान पर आए थे अर्जन भाई माडम, जिन्हें 3,09,123 वोट मिले. जामनगर लोकसभा सीट पर पहला चुनाव 1962 में हुआ. इसमें कांग्रेस के मनुभाई शाह ने जीत दर्ज की.



1989 में भारतीय जनता ने यहां अपनी एंट्री दर्ज कराई. उसके बाद 1991, 1996, 1998 और 1999 के आम चुनाव में बीजेपी ने लगातार यह सीट अपने नाम की. 2004 में कांग्रेस के अर्जन भाई माडम ने चुनाव जीता. 2009 में भी उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर बाजी मारी. इसके बाद 2014 में मोदी लहर के सामने वह हैट्रिक नहीं लगा सके, और बीजेपी के टिकट पर महिला उम्मीदवार पूनम बेन माडम ने अर्जन भाई को शिकस्त दी.



कौन हैं प्रत्याशी

44 साल की पूनम बेन माडम ने गुजरात यूनिवर्सिटी से बी कॉम की डिग्री हासिल की है. उनकी एक बेटी है. 2012 में उन्होंने पहली बार विधानसभा चुनाव जीता. 2014 के लोकसभा चुनाव में टिकट मिलने पर उन्होंने लोकसभा के लिए भाग्य आजमाया और जीत हासिल की. कांग्रेस ने यहां से मुलुभाई कंदोरिया को टिकट दिया है. बहुजन समाज पार्टी ने सुनील वाघेला को प्रत्याशी बनाया है. वहीं एनसीपी ने घोघाभाई परमार को टिकट दिया है.

मुलुभाई कंदोरिया


हार्दिक पटेल यहां से चुनाव लड़ना चाहते थे. लेकिन निचली कोर्ट से मिली सजा की वजह से वह अयोग्य करार दिए गए. पटेल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सजा निलंबित करने की मांग की थी. लेकिन कोर्ट ने जल्दी सुनवाई की मांग खारिज कर दी. सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार वह तब तक चुनाव नहीं लड़ सकते, जब तक हाईकोर्ट उन्हें दोषी ठहराए जाने के आदेश को स्थगित नहीं कर देता. हार्दिक पटेल 12 मार्च को कांग्रेस में शामिल हुए थे.

रिवाबा जाडेजा


क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा भी यहां से लड़ना चाहती थीं. करणी सेना में गुजरात महिला विंग की कमान संभालने के साथ ही रिवाबा ने बीजेपी भी जॉइन कर ली थी. लेकिन उन्हें पूनम माडम पर तरजीह नहीं दी गई.

सामाजिक समीकरण

इसमें 55.06 फीसदी शहरी और 44.94 फीसदी ग्रामीण आबादी है. अनुसूचित जाति की जनसंख्या 8.03 फीसद और अनुसूचित जनजाति की आबादी 1.12 फीसद है. 2018 की वोटर लिस्ट के मुताबिक, यहां 1614320 कुल मतदाता हैं. यहां पटेल और मुस्लिम मतदाताओं की तादाद काफी अच्छी है. पटेल मतदाता करीब ढाई लाख और मुस्लिम पौने दो लाख से ज्यादा हैं. इस लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली सात सीट हैं - कालावड (SC), जामनगर दक्षिण, जामनगर ग्रामीण, जामनगर उत्तर, द्वारका, जामजोधपुर, खंभालिया हैं. सात में से 4 सीट कांग्रेस और तीन सीट बीजेपी ने जीती थीं.

ये भी पढ़ें:

गांधीनगर लोकसभा: क्यों है देश की सभी सीटों की 'शाह'

कडपा लोकसभा सीट: वाईएसआर कांग्रेस के दबदबे को कौन दे पाएगा चुनौती

अनंतनाग लोकसभा सीट: 2014 जीत दोहरा पाएंगी महबूबा मुफ्ती?
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading