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लाखों की नौकरी छोड़ गुजरात के भाई-बहनों ने खोला गौशाला

लाखों की नौकरी छोड़ गुजरात के भाई-बहनों ने खोला गौशाला
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
लाखों की नौकरी छोड़ गुजरात के भाई-बहनों ने खोला गौशाला (प्रतीकात्मक तस्वीर)

2017 में जब डॉ. श्यामा गोंदालिया ने गायों की सेवा करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ी तो उन्हें चारों तरफ से विरोध का सामना करना पड़ा.

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2017 में जब डॉ. श्यामा गोंदालिया ने गायों की सेवा करने के लिए अपनी नौकरी छोड़ी तो उन्हें चारों तरफ से विरोध का सामना करना पड़ा. उनके माता-पिता भी इस फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं थे. लेकिन इस फैसले में वो अकेली नहीं थीं. उनके तीन चचेरे भाई-बहनों ने भी इस फैसले में उनका साथ दिया और एक सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी लाखों रुपए की नौकरी तक छोड़ दी. चारों चचेरे भाई-बहनों ने मिलकर 15 एकड़ क्षेत्रफल में एक गौशाला खोला.

चचेरे भाई अजय पटेल आईआईएम-रांची से पासआउट हैं और अपने इस सपने के लिए उन्होंने देश की टॉप कंपनी में 18 लाख रुपए सालाना की नौकरी को अलविदा कह दिया. अजय का कहना है कि उनके इस फैसले से उनका परिवार अपने सोशल स्टेटस को लेकर चिंतित हो गया. श्यामा के दो अन्य भाई,  मकैनिकल इंजीनियर मोहित और सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत पटेल ने भी जब नौकरी छोड़ने का फैसला लिया तो परिवार इससे असंतुष्ट था.

लेकिन तमाम विरोध के बावजूद इन लोगों ने गौशाला खोलकर आसपास के गांवों में विकास करने और अर्थव्यवस्था को सुधारने का संकल्प लिया. ये चारों अब सूरत के कांकोट गांव में 15 एकड़ के क्षेत्रफल में एक गौशाला चला रहे हैं. इनके पास 25 देसी नस्ल वाली गाय हैं, जो एक दिन में 150 लीटर तक दूध देती हैं.



पिछले छह महीनों से ये लोग अब अपने कुछ चुनिंदा ग्राहकों को रोज़ाना 125-150 लीटर तक दूध बेच रहे हैं. इन्होंने शुरुआत में गुजरात के गोंदल, जूनागढ़ और भावनगर से करीब 25 गाय खरीदीं. इसके अलावा पोरबंदर से एक बैल खरीदा. इसमें इनका कुल खर्च करीब 50 लाख रुपए आया.
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