इजरायली सेना में तैनात है गुजरात की बेटी नित्शा, गाज़ा में हमास से लड़ रही है जंग

इजराइली सेना ने कहा कि उसने उन केंद्रों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल हमास उग्रवादी हमलों की योजना बनाने के मकसद से बैठकें करने के लिए करते थे. (फ़ाइल फोटो)

Israel Army: नित्शा के पिता ज़ीवाभाई मुलियाशा ने बताया कि इजरायल की शिक्षा व्यवस्था बच्चों में लीडरशिप की क्वालिटी तैयार करती है. उनके पिता ने कहा कि इज़रायल में, 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों के लिए सैन्य सेवा में भर्ती अनिवार्य है.

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    नई दिल्ली. इजरायली (Israel Army)  विमान ने बुधवार तड़के गाजा पट्टी में उग्रवादियों के ठिकाने पर पर हमले किए. ये पिछले महीने हमास के साथ युद्ध को खत्म करने वाले संघर्ष विराम के बाद इस तरह का पहला हमला है. इजराइली सेना ने कहा कि उसने उन केंद्रों को निशाना बनाया, जिनका इस्तेमाल हमास उग्रवादी हमलों की योजना बनाने के मकसद से बैठकें करने के लिए करते थे. इजरायल ने इस हमले के लिए जो टीम बनाई गई थी उसमें भारतीय मूल की एक लड़की भी शामिल है. ये हैं 20 साल की नित्शा मुलियाशा.

    अंग्रेजी अखबार अहमदाबाद मिरर के मुताबिक मुलियाशा का परिवार तेल अवीव में बसा है. ये गुजरात के राजकोटके पास एक छोटे से गांव कोठाडी के रहने वाले हैं. मुलियाशा गुजरात की पहली लड़की है जिसे इजरायल की सेना में शामिल किया गया है. इजरायल में कुल 45 गुजराती परिवार हैं, जिनमें से अधिकांश हीरा कंपनियों में काम करते हैं.

    नित्शा के पिता ज़ीवाभाई मुलियाशा ने बताया कि इजरायल की शिक्षा व्यवस्था बच्चों में लीडरशिप की क्वालिटी तैयार करती है. उनके पिता ने कहा कि इज़राइल में, 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों के लिए सैन्य सेवा में भर्ती अनिवार्य है. निशा को दो साल पहले आईडीएफ ने लिया था. उन्होंने कहा, 'वो पिछले दो वर्षों में लेबनान, सीरिया, जॉर्डन और मिस्र की सीमा पर तैनात हैं. फिलहाल वो गश डैन में तैनात है यही से इजरायली सेनाएं गाजा में हमास पर हमले कर रही है.'

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    जीवा भाई ने आगे बताया, 'आमतौर पर वो दिन में आठ घंटे काम करती हैं, लेकिन ऐसे समय में 24 घंटे और उसके बाद भी काम चलता है. परिवार को उन पर गर्व है. “नित्शा सेवा के लिए प्रतिबद्ध है. अगर वह आसपास होती है तो हम उससे वीकेंड पर मिलते हैं, लेकिन कभी-कभी महीनों के बाद भी मिलते हैं.'

    नित्शा को युद्ध के मैदान में अधिकांश आधुनिक हथियारों और बहुआयामी युद्धाभ्यास के उपयोग में प्रशिक्षित किया जाता है. सेना के साथ उनका 2.4 साल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, उन्हें पांच साल या 10 साल की अवधि के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने की आवश्यकता होगी. जिसके दौरान वो योग्यता के अनुसार इंजीनियरिंग, चिकित्सा या अपनी पसंद का कोर्स कर सकती हैं. उसके पिता ने कहा कि सेना उसकी शिक्षा का पूरा खर्च उठाएगी.

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