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गुजरात : मौत के बाद भी 5 लोगों को नई जिंदगी दे गईं सूरत की प्रभाबेन

सूरत की प्रभाबेन ने मौत के बाद पांच लोगों को दी नई जिंदगी.
सूरत की प्रभाबेन ने मौत के बाद पांच लोगों को दी नई जिंदगी.

सूरत (Surat) के सरथाना में रहने वाले धीरूभाई कुरजीभाई भुवा की पत्नी प्रभाबेन की किडनी, लीवर और आंखों को दान करके पांच लोगों को नया जीवन देने का काम किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 4, 2021, 8:57 AM IST
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सूरत. गुजरात के सूरत में 'अंग दान महादान' के नारे को सार्थक बनाने के लिए शहर (Surat) के भुवा परिवार ने  समाज को नई दिशा देने का काम किया है. सरथाना में रहने वाले धीरूभाई कुरजीभाई भुवा की पत्नी प्रभाबेन की किडनी, लीवर और आंखों के दान के जरिए पांच लोगों को नया जीवन देने का काम किया है.

राजकोट जिले के गोंडल तालुका के मोटा ददवा गांव के निवासी, धीरूभाई सेवानिवृत्त हैं, जबकि उनके दो बेटे जौहरी हैं. धीरूभाई की पत्नी प्रभाबेन 1 फरवरी को शाम 5:00 बजे सोसाइटी में सत्संग कर रही थीं. उसी दौरान वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं. परिजनों ने तुरंत उन्‍हें वराछा के अस्तपाल में भर्ती कराया. यहां पर सीटी स्कैन के दौरान पता चला कि प्रभाबेन का ब्रेन हेमरेज हो गया है. इसके अगले ही दिन डॉक्‍टरों की टीम ने प्रभाबेन को मृत घोषित कर दिया.

परिवार की सहमति के बाद डॉक्‍टरों की टीम ने डोनेट लाइफ के संस्थापक और अध्यक्ष नीलेश मंडलेवाला से संपर्क किया और उन्हें प्रभाबेन की मस्तिष्क मृत्यु के बारे में जानकारी दी. इसके बाद डॉक्‍टरों की एक टीम अस्पताल पहुंची और उन्‍होंने प्रभाबेन के परिवार के सदस्यों को अंग दान का महत्व और इसकी पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि अगर अंग दान किया गया, तो पांच व्यक्तियों को पुनर्जीवित किया जा सकता है और प्रभाबेन के दुखद निधन के बाद भी, उनकी स्मृति अन्य व्यक्तियों में संरक्षित की जाएगी.
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प्रभाबेन के बेटों ने कहा, हमारी मां धार्मिक थीं और उनका सत्संग में गए बिना दिन नहीं बीतता था. जब भी वो अखबार में अंग दान की खबर पढ़ती थी तो इसके बारे में चर्चा जरूर करती थीं. उनका कहना था कि मौत के बाद शव को जलाकर राख कर दिया जाता है. सभी को मृत्यु के बाद अंगों का दान करना चाहिए. आज जब हमारी मां नहीं रहीं तो हम उनकी सोच पर अमल कर उनके अंगों को दान कर उन्‍हें श्रद्धांजलि देंगे.
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