सूरत: कोरोना के चलते श्मशान घाट पर लाशों की बढ़ी भीड़, जल्दी अंतिम संस्कार के लिए मांगे जा रहे हैं पैसे

शहर के अश्विनीकुमार शमशान गृह में पैसे लेकर जल्दी अंतिम संस्कार करवाने का मामला सामने आया है.

शहर के अश्विनीकुमार शमशान गृह में पैसे लेकर जल्दी अंतिम संस्कार करवाने का मामला सामने आया है.

Surat: सूरत में कोरोना के चलते स्थिति बेहद खराब है. शहर में एक साथ 25 लोगों के शव का दाह संस्कार हो सके इसके लिए तैयारियां चल रही हैं. सूरत के जिलाधिकारी धवल पटेल ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस बार हालात अधिक गंभीर हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2021, 3:45 PM IST
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सूरत. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के चलते सूरत में हालात बिगड़ रहे है. मृतकों की संख्या यहां लगातार बढ़ रही है. लिहाजा श्मशान घाट पर लाशों की कतार लग गई है. शहर के अश्विनीकुमार श्मशान गृह में पैसे लेकर जल्दी अंतिम संस्कार करवाने का मामला सामने आया है. बता दें कि पूरे गुजरात में कोरोना का सबसे ज्यादा कहर सूरत में ही है. कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों में अचानक दर्ज की गई वृद्धि के बीच 12 सदस्यीय केंद्रीय दल ने पिछले हफ्ते सूरत का दौरा किया था.

शहर के वराछा इलाके में स्थित अश्विनीकुमार श्मशान गृह में अंतिम संस्कार के लिए टोकन लेना पड़ता है. टोकन लेने के बाद लोग अपनी बारी का इंतज़ार करते हैं. आरोप है कि टोकन सिस्टम में भी कुछ लोग रिश्वत देकर अंतिम संस्कार करवा रहे हैं. सामाजिक कार्यकर्ता हरिश गुज्जर अपने परिजन का अंतिम संस्कार करवाने गए थे. तभी उन्होंने देखा कि टोकन लेकर कई लोग इंतज़ार कर रहे थे. इस दौरान एक परिवार बिना टोकन के वहां पहुंच गया. हरिश ने आरोप लगाते हुए बताया कि कुछ लोग मृतकों के रिश्तेदारों से कह रहे हैं कि अगर आपको अंतिम संस्कार करवाने के घंटो तक लाइन में खड़ा नहीं रहना है तो 1500 से 2000 रुपये देने होंगे.

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एक साथ 25 शवों के दाह संस्कार
बता दें कि सूरत में कोरोना के चलते स्थिति बेहद खराब है. शहर में एक साथ 25 लोगों के शव का दाह संस्कार हो सके इसके लिए तैयारियां चल रही हैं. दरअसल, कोविड और नॉन कोविड के दाह संस्कार के चलते श्मशान घाट में लंबी कतारें लग रही हैं. रात को 20 लोगों का अंतिम संस्कार किया गया.

पिछले साल के मुकाबले इस बार हालात अधिक गंभीर

सूरत के जिलाधिकारी धवल पटेल ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस बार हालात अधिक गंभीर हैं और ऐसे में संक्रमण से बचाव के लिए घरों में रहना और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय दल ने शीर्ष अधिकारियों के साथ की गई बैठक के दौरान सूरत में किए जा रहे एंटीजन एवं आरटी-पीसीआर जांच, संक्रमण की दर, टीकाकरण की संख्या और रोगी प्रबंधन के संबंध में जानकारी ली.
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