सूरत हादसा: आग में झुलसती रहीं 50 जिंदगियां, फायर ब्रिगेड को 22 Km दूर से लाना पड़ा पानी!

फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आने में देरी इसलिए हुई क्योंकि उनके पास आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी मौजूद नहीं था. फायर ब्रिगेड को पानी लेने के लिए पहले 22 किलोमीटर दूर जाना पड़ा था.

News18Hindi
Updated: May 25, 2019, 11:13 AM IST
News18Hindi
Updated: May 25, 2019, 11:13 AM IST
गुजरात के सूरत में स्थित तक्षशिला कॉम्प्लेक्स में शुक्रवार देर शाम लगी आग में मरने वाले छात्रों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है. इस मामले की छानबीन में कई नए खुलासे हुए हैं. मौके पर मौजूद प्रत्यदर्शियों ने आरोप लगाया है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आने में आधे घंटे से ज्यादा की देरी हुई थी. इस दौरान इलेक्ट्रिक पोल के जरिए आग गाड़ियों में लग गई और धमाका हो गया.

ये भी पढ़ें- सूरत हादसा: बच्चों की जान बचाने के लिए आग में घुस गया केतन, 2 को बचा भी लिया लेकिन..



पानी लेने 22 KM दूर गई थी फायर ब्रिगेड
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आने में देरी इसलिए हुई क्योंकि उनके पास आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी मौजूद नहीं था. फायर ब्रिगेड को पानी लेने के लिए पहले 22 किलोमीटर दूर जाना पड़ा था.



ये भी पढ़ें- सूरत हादसा: एक बिजली का खंबा ऐसे बन गया 20 बच्चों की मौत का कार

सिर्फ इतना ही नहीं फायर ब्रिगेड के पास तीसरी मंजिल तक पहुंच पाने लायक सीढ़ियां और अन्य उपकरण भी मौजूद नहीं थे. इसी के चलते बच्चों ने तीसरी मंजिल से कूदना शुरू कर दिया और इसमें कई बच्चों की जान चली गई. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक भटरा इलाके से 22 किलोमीटर दूर फायर ब्रिगेड को पानी लेने जाना पड़ा था.
Loading...

क्या हुआ था तक्षशिला कॉम्प्लेक्स में?
प्रत्यदर्शियों के मुताबिक कोचिंग सेंटर के पास लगे एक इलेक्ट्रिक पोल से आग कि शुरुआत हुई थी. इस खंबे के नीचे कुछ बाइक्स और गाड़ियां खड़ी थी, यही सबसे पहले आग की चपेट में आई. इन्हीं में से किसी गाड़ी में ब्लास्ट हुआ और बिल्डिंग में भयानक आग लग गई. इसी आग ने भयंकर रूप ले लिया और ये पहली और दूसरी मंजिल तक फ़ैल गई. बताया जाता है कि इस दौरान दूसरी और तीसरी मंजिल पर करीब 50 बच्चे मौजूद थे. इन बच्चों में से कई का 12वीं क्लास का रिज़ल्ट भी आज आया है.



आग ने ले ली इन बच्चों की जान, आज आया 12वीं का रिजल्ट

आने-जाने के लिए था एक ही रास्ता
बता दें कि कोचिंग सेंटर में आने-जाने के लिए एक ही रास्ता था. शॉर्ट सर्किट से जिन गाड़ियों में धमाका हुआ वो बिल्डिंग में ऊपर आने-जाने के रस्ते के सामने ही खड़ी थी और रास्ता ब्लॉक हो गया था. इसी के चलते बच्चों ने बिल्डिंग से कूदना शुरू कर दिया. कूदने वाले बच्चों में से कुछ की मौके पर ही मौत हो गई जबकि कुछ बुरी तरह घायल हो गए. सरकार ने फिलहाल मामले की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है.

ये भी पढ़ें:  

आजम खान से हारीं जया प्रदा करेंगी पार्टी में 'गद्दारी' की शिकायत

लोकसभा चुनाव परिणाम 2019: मोदी के ये सात 'ब्रह्मास्त्र', जिनके आगे ढ़ेर हुआ पूरा विपक्ष

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...