सूरत: चुनाव जीतने के बाद कोरोना सेवा में लौटी ये नर्स, पूरा परिवार कर रहा मरीजों की मदद

कैलाश बेन सोलंकी 13 साल से यूनिवर्सिटी में नर्स के रूप में सेवा कर रही हैं.

कैलाश बेन सोलंकी 13 साल से यूनिवर्सिटी में नर्स के रूप में सेवा कर रही हैं.

कैलाश बहन सोलंकी (Kailash Ben Solanki) को अपने कर्तव्य में सर्वोच्च सेवा के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार (President Award) मिला है. उनके पति और डॉक्टर बेटी भी कोविड अस्पताल की सेवा में हैं. उन्होंने निकाय चुनाव में जीत दर्ज की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2021, 12:37 PM IST
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सूरत. कैलाश बेन सोलंकी नाम की एक महिला पिछले कुछ दिनों से एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में काम कर रही हैं. उन्होंने हाल ही में नगर सेविका के रूप में चुनाव जीता है. हालांकि वह कोरोना की इस स्थिति के बीच में अपने कर्तव्य को समझती हैं. वे कोविड केंद्र (Covid Centre) में नगर सेवक के साथ एक नर्स के रूप में काम करती हैं. इस कर्तव्य में उनके पति और विशेष रूप से उनकी डॉक्टर बेटी भी लोगों की सेवा कर रही हैं. उनके साथ जुड़कर परिवार सही मायने में लोगों की मदद का काम कर रहा है.

वर्तमान में कोरोना महामारी लगातार बढ़ रही है. जब मरीजों के लिए अस्पताल के बिस्तरों की कमी होती है, तो शहर में सेवा-संस्था वाले लोगों द्वारा एक कोविड केंद्र स्थापित करके अपने खर्च पर इलाज किया जाता है. सोलंकी जो वर्तमान में सूरत में एक निजी अस्पताल में नर्स के रूप में काम कर रही हैं. उन्होंने हाल ही में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा से चुनाव लड़ा है और नगर सेविका बन गई है.

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सोलंकी 13 साल से यूनिवर्सिटी में नर्स के रूप में सेवा कर रही हैं. वे लोगों की मदद के लिए आई हैं, लेकिन उनके पति और रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा संचालित अस्पताल में अपनी बीडीएस और इंटर्नशिप पूरी करने वाली उनकी बेटी भी सेवा में आई है. पूरे परिवार का एकमात्र संकल्प है इस महामारी में कोई भी मरीज को उपचार में दिक्कत नहीं होनी चाहिए, वे लगातार सक्रिय और सतर्क बन के काम कर रहे हैं.


इतना ही नहीं बल्कि रोजाना 16-17 घंटे मरीजों को देकर उनके परिवार का सदस्य बनने की कोशिश की जा रही है. पूरा परिवार वर्तमान में मजुरा विधायक संघवी द्वारा शुरू किए गए कोरोना अस्पताल में सेवारत है. उल्लेखनीय है कि, नगरसेविका सोलंकी को अपने कर्तव्य में सर्वोच्च सेवा के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार मिला है, आज जब शहर को वास्तव में अस्पताल, डॉक्टर, नर्स, एम्बुलेंस चालक, वार्ड बॉय जैसे अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं की आवश्यकता है, तो यह पूरा परिवार सेवा कर रहा है और अपनी ड्यूटी समाज कर मरीजों की सेवा में लगा हैं.
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