अहमदाबाद: रेवड़ी बाजार आग कांड में ISI शामिल, प्रवीण, अनिल और अंकित से लगवाई आग- क्राइम ब्रांच

रेवाडी बाजार में लगी आग का सीसीटीवी फुटेज

रेवाडी बाजार में लगी आग का सीसीटीवी फुटेज

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने रेवड़ी बाजार आग कांड में एक नए आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है. इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है.

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अहमदाबाद. गुजरात स्थित अहमदाबाद (Ahmedabad) के कालूपुर रेवड़ी बाजार में 20 मार्च को पांच दुकानों में लगी आग के मामले में आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने दावा किया है कि उन्हें इस मामले में बड़ी कामयाबी मिली है. क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अनिल, अंकित और प्रवीण के तौर पर हुई है. क्राइम ब्रांच ने दावा किया है कि इस मामले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI शामिल है.

क्राइम ब्रांच ने बुधवार को प्रेस वार्ता में दावा किया कि उसने नए आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया है. जॉइंट सीपी प्रेमवीर सिंह के मुताबिक आरोपी प्रवीण फेसबुक पर बाबा पठान नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया. बाबा पठान ने पहले प्रवीण को हत्या के लिए उकसाया. बाबा ने कहा, 'अपने इलाके में किसी बड़े आदमी को मार डालो.'

ब्रांच ने दावा किया कि इसके बाद बाबा ने प्रवीण से कहा, 'तुम एक और काम करो. भीड़ भाड़ वाली जगह पर आग लगाओ.' जिसके बाद तीनों ने अहमदाबाद के रेवड़ी बाजार में आग लगा दी. पहचान उजागर ना होने पाए इसके लिए तीनों ने पीपीई किट पहन रखी थी.  बाबा ने प्रवीण को हथियार खरीदने के लिए पेटीएम से 25,000 रुपये भेजे. फिर उसे आग लगाने के लिए डेढ़ लाख रुपये दिए गए. जांच में पता चला है कि रुपये हवाला के जरिए दुबई से मुंबई और अहमदाबाद भेजे गये. क्राइम ब्रांच ने दावा किया इस अग्निकांड में शामिल सभी आरोपी स्थानीय हैं.



नया मॉड्यूल ISI के इशारे पर बनाया गया- क्राइम ब्रांच
क्राइम ब्रांच ने दावा किया कि बाबा के फेसबुक अकाउंट को चेक करने पर पता चला कि उनकी फ्रेंड लिस्ट में शामिल लोगों के अकाउंट से भी इसी तरह की गतिविधियां की गईं. जांच में पता चला कि नया मॉड्यूल ISI के इशारे पर बनाया गया था. क्राइम ब्रांच ने दावा किया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर छोटे- छोटे क्रिमिनल्स का इस्तेमाल करके बाबा पठान पर आंतरिक सुरक्षा को तोड़ने की जिम्मेदारी थी.

प्रेस वार्ता में क्राइम ब्रांच ने दावा किया कि इसके लिए बाबा पठान ने फिशिंग पेज बनाया और बाकी लड़कों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था. फेसबुक पर मैसेंजर के जरिए सभी बात करते और इसके लिए वह वर्चुअल नंबर इस्तेमाल करता था. मिली जानकारी के अनुसार प्रवीण की गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब वह हथियार खरीदने के मकसद से मध्य प्रदेश गया था और वहीं पुलिस के हत्थे चढ़ा.
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