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लिंगानुपात में पहले से 8वें स्थान पर खिसका अंबाला, 1000 लड़कों के मुकाबले 931 रही लड़कियों की संख्या

2019 के मुकाबले 2020 में लिंग अनुपात में गिरावट आई है (प्रतीकात्मक)
2019 के मुकाबले 2020 में लिंग अनुपात में गिरावट आई है (प्रतीकात्मक)

कोरोना के चलते विभाग पर इस बार काफी दबाव भी देखा गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 27, 2021, 6:40 AM IST
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अंबाला. 2020 में अंबाला (Ambala) में बेटी बचाओ अभियान को बड़ा झटका लगा है, प्रदेश में 2019 में बेटी बचाओ अभियान (Beti Bachao Abhiyaan) में अव्वल स्थान पर रहने वाला अंबाला 2020 में आठवें स्थान पर फिसल गया है. पिछले साल अंबाला में प्रति हजार लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या 959 रही थी, तो वहीं इस साल ये संख्या कम होकर 931 रही. अंबाला सीएमओ डॉक्टर कुलदीप सिंह ने इस बात को मानते हुए कहा 2019 के मुकाबले 2020 में लिंग अनुपात में गिरावट आयी है.

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान वो जितना भ्रूण लिंग करने वालों के खिलाफ कार्यवाई करते थे, उतना नहीं कर पाए, जिसके कारण लिंग अनुपात में 28 प्वॉइंट गिरावट आई है. इसके साथ ही उन्होंने लोगों के अपील की कि वो ज्यादा से ज्यादा ऐसे लोगों के खिलाफ उन्हें जानकारी दें जो भ्रूण लिंग जांच या फिर भ्रूण हत्या करते है. सीएमओ ने कहा कि जो भी ऐसे लोगों के खिलाफ उन्हें जानकारी देगा उनका नाम गुप्त रखा जायेगा और अगर उनकी जानकारी में कोई सच्चाई निकलती है तो उन्हें 1 लाख कैश इनाम में दिया जायेगा.

साल 2019 में विभाग ने की थी 14 रेड
पिछले साल कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए जिले में 6 रेड की गई थी. इनमें से सिटी व कैंट में एक-एक समेत इंटर स्टेट 4 रेड की गई. हालांकि, साल 2019 में रेड की संख्या करीब 14 थी. कोरोना के चलते विभाग पर इस बार काफी दबाव भी देखा गया.



ऐसे निकाला जाता है लिंगानुपात

लिंगानुपात निकालने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से फार्मूले का प्रयोग किया जाता है. इसके अंतर्गत उस क्षेत्र में कुल जितनी लड़कियों ने जन्म लिया होता है, उन सभी को 1 हजार के साथ गुणा किया जाता है. इसके बाद संबंधित क्षेत्र में जितने लड़कों ने जन्म लिया होता है उनकी संख्या से भाग कर देते हैं. इससे लिंगानुपात का पता चल जाता है.
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