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शिक्षक की भूमिका में चतुर्थ श्रेणी के कर्मी, सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं गणित और विज्ञान

Krishna Bali | News18 Haryana
Updated: February 6, 2020, 11:07 AM IST
शिक्षक की भूमिका में चतुर्थ श्रेणी के कर्मी, सरकारी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं गणित और विज्ञान
चतुर्थ श्रेणी के कर्मी सरकारी स्कूलों में चपरासी के साथ-साथ टीचर की भूमिका निभा रहे हैं.

हरियाणा के अंबाला (Ambala) जिले के 2 सरकारी स्कूलों (Government Schools) में जहां शिक्षकों की कमी है वहां चपरासी (Peon) बच्चों को गणित (Mathematics) और विज्ञान (Science) पढ़ा रहे हैं. बच्चों को पढ़ाने वाले चपरासी और कोई नहीं बल्कि पिछले दिनों ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा में चुने गए युवा हैं.

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अंबाला. हरियाणा के अंबाला जिले के 2 सरकारी स्कूलों (Government Schools) में जहां शिक्षकों की कमी है वहां चपरासी (Peon) बच्चों को गणित और विज्ञान पढ़ा रहे हैं. बच्चों को पढ़ाने वाले चपरासी और कोई नहीं बल्कि पिछले दिनों ग्रुप डी की भर्ती परीक्षा में चुने गए युवा हैं. दो सरकारी स्कूलों में  चपरासी के पदों पर तैनात दो युवा शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए अपना योगदान दे रहे हैं. ये दोनों चपरासी स्कूल में शिक्षक (Teacher) व चतुर्थ श्रेणी के कर्मी (Fourth class personnel) की भूमिका निभा रहे हैं.

दोहरी भूमिका में चतुर्थ श्रेणी के कर्मी 

ग्रुप डी की भर्ती सभी को अच्छे से याद है, जिसमें पढ़े लिखे युवा चतुर्थ श्रेणी में भर्ती होकर हरियाणा सरकार को अपनी सेवाएं दे रहे हैं. हरियाणा के अंबाला में यही युवा सरकारी स्कूलों में चपरासी के साथ-साथ टीचर की भूमिका निभा रहे हैं. ये युवा भर्ती तो फोर्थ क्लास में हुए हैं, लेकिन बच्चों को अच्छे से साइंस व हिसाब पढ़ा रहे हैं. अंबाला के माजरी गांव व मर्दों साहिब गांव के सरकारी स्कूलों में युवा चरासी के साथ साथ बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं.

ग्रुप डी में भर्ती हुए कमल M.Sc. फिजिक्स हैं

कमल सिंह की भर्ती ग्रुप डी के अंतर्गत हुई है और वे माजरी गांव के सरकारी स्कूल में चपरासी के तौर पर भर्ती हुए हैं. कमल सिंह MSc. फिजिक्स हैं और माजरी गांव के स्कूल में टीचरों की कमी की वजह से बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं. ऐसा नहीं है कि कमल चपरासी का काम नहीं करते हैं. वे दोनों जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे हैं. कमल का कहना है ऐसा वे स्वेच्छा से कर रहे हैं. स्कूल में हिसाब का टीचर नहीं है तो वे बच्चों की भलाई के लिए ऐसा कर रहे हैं.

चपरासी के साथ शिक्षक की भूमिका निभा रहे महेंद्र ने बी. टेक. किया है

ठीक ऐसा ही हाल मर्दों साहिब गांव के सरकारी स्कूल का भी है. यहां पिछले दिनों साइंस टीचर का निधन हो गया तो महेंद्र पाल चपरासी होने के बावजूद बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें साइंस पढ़ा रहे हैं. महेंद्र पाल बी.टेक. हैं. वे भी ग्रुप डी भर्ती के तहत इस सरकारी स्कूल में सेवाएं दे रहे हैं.माजरी गांव व मर्दों साहिब गांव के सरकारी स्कूल को संभाल रही प्रिंसिपल सरबजीत कौर का कहना है कि स्कूल में शिक्षकों की कमी होने के चलते ये लोग दोनों जिम्मेदारियां निभा रहे हैं. इनके पास क्वालिफिकेशन है तो हम उसका उपयोग कर इनसे दोनों काम करवा रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्कूल के विद्यार्थी भी इन्हें पूरा सम्मान देते हैं. अंबाला के सरकारी स्कूलों में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी बच्चों को पढ़ाते हुए दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.

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First published: February 6, 2020, 9:33 AM IST
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