Sushma Swaraj Death: सुषमा स्वराज की ऐसे हुई थी सक्रिय राजनीति में एंट्री
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Sushma Swaraj Death: सुषमा स्वराज की ऐसे हुई थी सक्रिय राजनीति में एंट्री
बीजेपी लोकदल की हरियाणा में इस गठबंधन सरकार में सुषमा स्वराज शिक्षा मंत्री थीं. (File Photo)

Sushma Swaraj Death News: पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन हो गया है. भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज को गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया था.

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  • Last Updated: August 7, 2019, 4:16 AM IST
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पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) का मंगलवार की रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है. बीजेपी (BJP) की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज को गंभीर हालत में एम्स में भर्ती कराया गया था. सुषमा स्वराज की हालत काफी नाज़ुक बनी हुई थी. स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, नितिन गडकरी सहित पार्टी के कई बड़े नेता अस्पताल पहुंचे चुके हैं.

जानें- उनके बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें-
सुषमा स्वराज का जन्म हरियाणा के अम्बाला कैंट में 14 फरवरी, 1953 को हुआ था. उनके पिता आरएसएस के प्रमुख सदस्य थे. अम्बाला छावनी के एसएसडी कॉलेज से बीए करने के बाद उन्होंने चंडीगढ़ से कानून में डिग्री ली. 1973 में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रैक्टिस शुरू की. जबकि उनका राजनीतिक करियर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के साथ शुरू हुआ था.

25 साल की उम्र में कैबिनेट मंत्री बनने का रिकॉर्ड
सुषमा स्वराज ने 70 के दशक में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को जॉइन कर लिया. 13 जुलाई 1975 को उनकी शादी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील स्वराज कौशल से हो गई. उनके पति स्वराज कौशल, समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडीस के करीबी थे और यही कारण है कि 1975 में वह फर्नांडीस की कानूनी टीम का हिस्सा बनी. आपातकाल के दौरान, उन्होंने जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया. आपातकाल की समाप्ति के बाद सुषमा स्वराज जनता पार्टी की सदस्य बन गईं. 1977 में, उन्होंने अंबाला छावनी विधानसभा क्षेत्र से हरियाणा विधानसभा के लिए विधायक का चुनाव जीता और चौधरी देवी लाल की सरकार में 25 साल की उम्र में कैबिनेट मंत्री बनने का रिकॉर्ड बनाया.



जनता पार्टी (हरियाणा) की अध्यक्ष भी रहीं
बीजेपी लोकदल की हरियाणा में इस गठबंधन सरकार में वे शिक्षा मंत्री थीं. 27 वर्ष की उम्र में वे 1979 में जनता पार्टी (हरियाणा) की अध्यक्ष बन गई थीं. अप्रैल 1990 में सांसद बनीं और 1990-96 के दौरान राज्यसभा में रहीं. 1996 में वे 11वीं लोकसभा के लिए चुनी गई और अटल बिहारी वाजपेयी की 13 दिन की सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री रहीं. 12वीं लोकसभा के लिए वे फिर दक्षिण दिल्ली से चुनी गईं और पुन: उन्हें सूचना प्रसारण मंत्रालय के अलावा दूरसंचार मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया.

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