सुषमा स्वराज के निधन पर उनके दोस्त बोले- आज हमारे शरीर का एक अंग क्षति हो गया

सुषमा का ओजस्वी वक्तव्य के बार उन्हें ऊंची पहचान बनाई और विदेशों में भी सियासतदान इनका लोहा मानते थे. प्रोफेसर यूवी सिंह का कहना है कि एनसीसी कैडेट के रूप राज्यपाल से अवार्ड भी प्राप्त किया. नम आंखों से आज उन्हें सारा अम्बाला उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है.

News18 Haryana
Updated: August 7, 2019, 11:31 AM IST
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Updated: August 7, 2019, 11:31 AM IST
अम्बाला की बेटी और प्रखर प्रवक्ता के रूप में मशहूर देश की तेज तर्रार मंत्री रही सुषमा स्वराज के आकस्मिक निधन से अम्बाला वासी क्षुब्ध हैं. सनातन धर्म कॉलेज अम्बाला के प्रोफेसर ओर उनके सहयोगी भी आज उनके निधन से दुखी हैं. सुषमा स्वराज ने हालांकि प्राथमिक शिक्षा पलवल से प्राप्त की लेकिन बीए की शिक्षा अम्बाला से ही  प्राप्त की. अम्बाला ही नहीं हरियाणा से उनका निजी व राजनीतिक रिश्ता बहुत गहरा रहा है. उनको याद करके आज उनके पड़ोसी, सहपाठी ओर कनिष्ठ सहयोगियों की आंखे नम हो गई हैं और वो कहते हैं कि सुषमा के जाने से उनकी पीठ थपथपाने वाली शख्सियत उन्हें बिलखता छोड़ कर चली गई. उनका कहना है कि आज उनके शरीर का एक अंग क्षति हो गया है.

सुषमा के सहपाठी रहे यूवी सिंह ने कही ये बात

राजनीति की प्रखर वक्ता और हंसमुख चेहरे वाली अम्बाला की बेटी स्वर्गीय सुषमा स्वराज सबको बिलखता छोड़ कर चली गई. उनका अम्बाला वासियों ओर देश की राजनीति में अहम योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा. यह कहना है उनके साथ शिक्षा ग्रहण करने वाले वरिष्ठ प्रोफेसर यूवी सिंह का. उनका कहना है कि वे एक ओजस्वी वक्ता होने के साथ साथ राजनीति की प्रखर सियादतदान मानी जाती थी. वे संसद में भी अपनी आवाज बेबाकी से उठाती थी.

यूवी सिंह


आज सारा अंबाला दे रहा श्रद्धांजलि

सुषमा का ओजस्वी वक्तव्य के बार उन्हें ऊंची पहचान बनाई और विदेशों में भी सियासतदान इनका लोहा मानते थे. प्रोफेसर यूवी सिंह का कहना है कि एनसीसी  कैडेट के रूप राज्यपाल से अवार्ड भी प्राप्त किया. नम आंखों से आज उन्हें सारा अम्बाला उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है.

बेटी की शादी में किया था आने का वादा
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सुषमा स्वराज के कॉलेज में एक साल जूनियर रहे साथी नवल सूद का कहना है कि यह समाचार सुनते ही उन्हें एक जोरदार झटका लगा और वे स्तब्ध रह गए कि उनकी कॉलेज के समय की दबंग साथी आज दुनिया को छोड़ कर चली गई. नवल सूद का कहना है कि जब उनकी बेटी की शादी थी तो वह सुषमा जी को बुलाने दिल्ली गए थे तो सुषमा जी ने उन्हें एक बुआ के रूप में आने का वायदा भी किया था.

नवल सूद


एनसीसी कैडेट के रूप में सुषमा ने बहुत नाम कमाया

उनका कहना है कि एनसीसी कैडेट के रूप में सुषमा ने बहुत नाम कमाया. वहीं एक प्रखर प्रवक्ता और सियासत दान के रूप में भी उन्होंने अंबाला को बहुत कुछ दिया. उनका कहना है कि कोई भी बड़े से बड़ा सियादतदान उनसे कोई गलत काम नहीं करवा सकता था, चाहे वह चौधरी देवीलाल ही क्यों ना रहे हो. उनका कहना है कि जनता दल के नेता जॉर्ज फर्नांडिस के अंतर्गत उन्होंने सियासत में प्रवेश किया और लीडर अपोजिशन के रूप में उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. बाद में वे भारतीय जनता पार्टी में के बार कैबिनेट मंत्री भी रही. उनके किसी भी काम को जल्दी से भुलाया नहीं जा सकता.

पड़ोसियों ने कही ये बात

सुषमा के बुजुर्ग पड़ोसी की पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताते हैं कि सुषमा जी जब यहां अंबाला में पढ़ाई करती थी और हम सभी को इकट्ठा करके स्पीच दिया करती थी. उसने नम आंखों से बताया कि उनका एक फेवरेट गाना था ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी जिसको सुनकर वे खूब खुश होती थी और उन्हें शाबाशी देती थी. उनका कहना है कि सुषमा की यादों को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता क्योंकि वह सब से प्यार करती थी चाहे वह छोटा हो या बड़ा हो. उनका कहना है कि उन्होंने अंबाला में ही नहीं बल्कि देश में अंबाला की बेटी का नाम ऊंचा किया है.
First published: August 7, 2019, 10:54 AM IST
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