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CAA: मुस्लिम बहुल मेवात में धरना-प्रदर्शन पर रोक, धारा 144 लगाई, अब नई रणनीति बना रहे मेव
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Updated: December 27, 2019, 2:06 PM IST
CAA: मुस्लिम बहुल मेवात में धरना-प्रदर्शन पर रोक, धारा 144 लगाई, अब नई रणनीति बना रहे मेव
मेवात के घासेड़ा में सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में जुटी भीड़. (File Photo)

मेवात विकास सभा व मेवात आरटीआई मंच सहित कई संस्थाएं लगातार सीएए का विरोध कर रही हैं. सरकार के इस रुख के बाद आंदोलनकारी नई रणनीति बना रहे हैं.

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  • Last Updated: December 27, 2019, 2:06 PM IST
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नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर हरियाणा सरकार ने मुस्लिम बहुल मेवात जिले में धरना-प्रदर्शन और जलसों पर प्रतिबंध लगा दिया है. दरअसल, यहां इसी मसले को लेकर 18 दिसंबर को बड़ा जलसा हुआ था, जिसके बाद एहतियात के तौर पर सरकार ने यहां धारा 144 लगा दी है. इसके बाद अभी तक कोई प्रदर्शन नहीं हुआ है. मेवात विकास सभा व मेवात आरटीआई मंच सहित कई संस्थाएं लगातार सीएए का विरोध कर रही हैं. सरकार के इस रुख के बाद आंदोलनकारी नई रणनीति बना रहे हैं. मेवात RTI मंच के एक्टिविस्ट राजुद्दीन जंग ने कहा कि यहां कोई हिंसक प्रदर्शन नहीं हो रहा है फिर भी सरकार लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार छीन रही है, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.

कब-कब होना था प्रदर्शन
27 दिसंबर को रंगाला गांव से फिरोजपुर झिरका तक जुलूस निकाला जाना था, 29 दिसंबर को मांडीखेड़ा गांव से बड़कली चौक, 31 दिसंबर को उटावड़ मोड से रुपडाका शहीदी मीनार तक, 3 जनवरी को शहीदी पार्क से लघु सचिवालय, 5 जनवरी को छारोड़ा से तावड़ू तथा 7 जनवरी को खानपुरघाटी से पिनगवां तक पैदल मार्च होना था. जबकि 9 जनवरी को मेवात के लोग अपना विरोध दर्ज करवाने दिल्ली जाने वाले थे. लेकिन धारा 144 लगाने के बाद अब प्रदर्शन और पैदल मार्च आयोजित करने वाले नई रणनीति बना रहे हैं. अब तक तय नहीं हो पाया है कि पहले से तय प्रदर्शन होंगे या नहीं.

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मेवात में धरना, प्रदर्शन पर रोक (File Photo)




पुलिस ने क्या कहा?
मेवात पुलिस ने कहा है कि प्रशासन ने सिर्फ 18 दिसंबर को नूंह से गांव घासेड़ा तक पैदल मार्च करने की अनुमति दी थी. इसके अलावा धरना, प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है. इसलिए युवाओं को हिदायत दी जाती है कि वे किसी के बहकावे में न आएं. न ही किसी धरना प्रदर्शन में हिस्सा लें. अफवाहों से बचें. अपना दैनिक कार्य बिना किसी डर, भय के करें.

धरना, प्रदर्शन हुआ तो क्या होगा?
पुलिस ने कहा है कि बिना प्रशासन की अनुमति के कोई धरना, प्रदर्शन, जुलूस का आयोजन किया जाता है या उसमें कोई शामिल होता है तो उसे गैर कानूनी समझा जाएगा. ऐसे लोगों के खिलाफ हरियाणा पुलिस अधिनियम, 2007 के तहत कार्रवाई होगी. जिसमें 2 से 10 साल तक सजा हो सकती है.

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First published: December 27, 2019, 1:17 PM IST
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