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नूंह के बाद भिवानी में गलघोंटू बीमारी ने पसारे पैर, 7वीं कक्षा के छात्र की मौत

छात्र अभिषेक की फाइल फोटो
छात्र अभिषेक की फाइल फोटो

12 वर्षीय अभिषेक अपने नाना के घर रहता था. वह 7वीं कक्षा में पढ़ता था. चार दिन पहले उसे अचानक तेज बुखार और गले में दर्ज हुआ.

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नूंह के बाद गलघोंटू बिमारी ने भिवानी में दस्तक दे दी है. गलघोंटू बीमारी से 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले मासूम छात्र की मौत के बाद अब स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है. बता दें कि भिवानी में गलघोंटू का ये मामला सालों बाद सामने आया है. क्योंकि स्वास्थ्य विभाग गलघोंटू बिमारी पर पूर्ण रुप से काबू करने का दावा कर चुका है.

बताया जा रहा है कि राजीव कॉलोनी में 12 वर्षीय अभिषेक अपने नाना के घर रहता था. वह 7वीं कक्षा में पढ़ता था. चार दिन पहले उसे अचानक तेज बुखार और गले में दर्ज हुआ. परिजन अभिषेक को इलाज के लिए चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे. यहां पर अभिषेक की हालत में सुधार ना होने के चलते उसे एक निजी अस्पताल में ले जाया गया. यहां भी अभिषेक की सेहत में सुधार नहीं हुआ तो एक दिन पहले उसे दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.

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अभिषेक की मौत की सूचना संबंधित अस्पताल ने भिवानी चौधरी नागरिक अस्पताल में दी. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में मानों भूचाल ही आ गया. हालांकि सीएमओ और उनकी टीम अभी भी अभिषेक की मौत की पुष्टी गलघोंटू बीमारी से नहीं मान रही.
चिकित्सकों का कहना है कि अभिषेक में गलघोंटू के लक्षण जरूर थे पर अभी पुख्ता नहीं की गलघोंटू से ही उसकी मौत हुई हो. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता ने अपनी टीम अभिषेक के घर भेजी है और सभी परिजनों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है. सीएमओ ने इस मामले के बाद जिला भर की आशा वर्कर्स और आंगनबाड़ी वर्कर्स की छुट्टियां तक रद्द कर दी है.

मृतक मासूम अभिषेक के नाना के घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम के डॉक्टर प्रमोद ने भी अभिषेक की मौत को गलगोंटू से संभावित ही बताया है. उन्होंने कहा कि सभी परिजनों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और गलघोंटू के लक्ष्ण मिले तो उनका उपचार किया जाएगा.
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